सहारनपुर से दिल्ली जा रही पैसेंजर ट्रेन में तीन-चार युवकों ने अहेड़ा हाल्ट के पास महिला से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उसको चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। चिकित्सकों ने उसको मेरठ के लिए रेफर कर दिया। मनचले उसका मोबाइल भी छीनकर फरार हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने बताया कि उसकी विवाहिता बेटी और दामाद उनके पास गांव में ही रहते हैं। बुधवार सुबह उनकी बेटी लोनी में अपनी बुआ के घर जाने के लिए मकान से चली थी। अहेड़ा हाल्ट पर ट्रेन में चढ़ते समय तीन-चार युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। ट्रेन के अंदर भी उसके साथ इस तरह की हरकतें की गई।
विरोध करने पर मनचले गाली-गलौज करने लगे। बाद में आरोपियों ने उसकी बेटी को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इससे लड़की गंभीर घायल हो गई। वहां से गुजर रहे लोग उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। महिला की हालत गंभीर है। बागपत कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
एंबुलेंस के अभाव में तड़पती रही महिला
परिजनों का कहना है कि घायल महिला को चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। उन्होंने एंबुलेंस बुलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वहां पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। घायल महिला अस्पताल में तड़पती रही। वह खुद ही अस्पताल से चल दी।
इस दौरान वह जमीन पर गिर गई। बाद में परिवार के लोग महिला को ऑटो से लेकर गए। घायल महिला की मां ने कहा कि उनके पास अपनी बेटी का इलाज करने के लिए रुपये भी नहीं है। ऐसी स्थिति में बेटी का कैसे इलाज हो पाएगा।
घर पहुंचे जीआरपी अफसर, बोले-खुद ट्रेन से गिरी
अहेड़ा हाल्ट के पास छेड़छाड़ के विरोध पर महिला को ट्रेन से फेंकने की घटना का पता चलते ही जीआरपी के अफसर टेंशन में आ गए। वे जांच पड़ताल में जुट गए। अहेड़ा हाल्ट पर पहुंचकर लोगों से जानकारी की। उसके बाद पीड़ित के घर पहुंच गए।
परिजनों से जानकारी की। घायल महिला से भी बात की। जीआरपी थाना के एसआई यतेंद्र तेवतिया का कहना है कि महिला को छेड़छाड़ के विरोध पर ट्रेन से फेंका नहीं गया था। बल्कि वह ट्रेन में सवार होकर फोन पर बात कर रही थी। इसी दौरान वह ट्रेन से गिर गई थी।