बागपत के खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में पुलिस ने सोमवार को छापा मारकर तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। वहां से बिलाल नाम का युवक पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में असलाह बनाने का सामान बरामद किया। पुलिस का कहना है कि इन असलहों से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खूनी खेल खेला जाना था।
पकड़ा गया आरोपी खुब्बीपुर निवाड़ा निवासी बिलाल पुत्र करीमुद्दीन है। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि आरोपी अपने मकान में अवैध असलाह बनाता है। पुलिस ने छापा मारा तो उसके मकान से एक तमंचा बना हुआ, एक अधबना मिला। इसके अलावा 10 नाल 315 बोर, एक फर्मा, एक भट्टी पंखा, एक भट्टी, एक शिकंजा, हथौड़ा, रेती, प्लास, आरी तथा अन्य भारी मात्रा में असलाह बनाने के उपकरण बरामद हुए।
आरोपी हथियार बनाने के बाद उन्हें बागपत के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली गाजियाबाद में सप्लाई करता था। आरोपी इस काम को काफी समय से कर रहा था। दो साल पूर्व भी आरोपी अवैध असलाह बनाने के मामले में जेल जा चुका है।
हत्या में भी जा चुका है जेल
बागपत। आरोपी बिलाल ने पृूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने दोस्त की बहन की पांच साल पूर्व हत्या की थी। वह इस केस में जेल भी गया था।
तमंचों के बल पर कई प्रत्याशी लड़ते चुनाव
बागपत। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बिलाल के हाथों से बने तमंचों से पंचायत चुनाव में खूनी खेला जाना था। इससे पहले आरोपी मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान भी पकड़ा गया था। उस समय आरोपी ने दंगे में असलाह सप्लाई किए थे।
एक तमंचे की कीमत ढाई हजार रुपये
बागपत। आरोपी बिलाल ने बताया कि एक तमंचा, एक हजार रुपये में तैयार होता है। तथा ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जाता है।
काफी लोग है तमंचे लेने वाले
बागपत। आरोपी बिलाल ने पुलिस अभिरक्षा में बताया कि तमंचा खरीदने वाले बहुत लोग है। वह ऑन डिमांड पर तमंचे बनाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसने कई लोगों के नाम भी बताए है। इस बारे में एएसपी ने जानकारी होने से इंकार किया है।