बागपत के सांकरौद गांव की खाप पंचायत के बहुचर्चित मामले में दलित युवक रवि के पिता धर्मपाल ने पुलिस को बयान देने से इंकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक धर्मपाल ने पूर्व में की गई शिकायत को ही अपना बयान बताया है।
सांकरौद गांव के धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित-जनजाति आयोग में शिकायत की थी कि उसका बेटा रवि और गांव की जाट बिरादरी की युवती घर से फरार हो गई थी। उसने खुद फोन करके दिल्ली में उन्हें पुलिस से पकड़वाया था।
कुछ दिन बाद वे दोनों दोबारा फरार हो गए थे। उस समय भी उसने मेरठ के मेडिकल थाना पुलिस को खुद फोन करके उन्हें पकड़वाया। मेडिकल थाना पुलिस ने रवि और युवती को खेकड़ा पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
खेकड़ा पुलिस ने युवती को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। जबकि रवि के पास से डोडा दर्शाते हुए उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले में आरोप है कि युवती के परिजनों ने गांव में खाप पंचायत की।
पंचायत में उसकी बेटियों के साथ दुष्कर्म कर गांव में निर्वस्त्र करके घुमाने का फरमान सुनाया गया। आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बागपत पुलिस को केस की निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए।
इसी के मद्देनजर धर्मपाल को पुलिस कार्यालय में बयान दर्ज कराने के बुलाया गया। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि धर्मपाल ने अपने बयान दर्ज नहीं कराए । उसने कहा कि उसकी शिकायत ही वही उसके बयान है।