बागपत के खेकड़ा के लख्मीचंद पटवारी कॉलेज ने बीएड के छात्रों का भविष्य की बर्बाद कर डाला। पढ़ाई तो छात्रों की लख्मीचंद कॉलेज में ही कराई गई, लेकिन प्रबंधन ने उनका प्रवेश करा दिया किसी दूसरे कॉलेज में। यहीं नहीं उनका परीक्षा फार्म भी नहीं भरवाया और उनका वजीफा भी डकार लिया। छात्रों की शिकायत पर जांच की गई तो पूरा गोलमाल सामने आ गया। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है।
खेकड़ा स्थित लख्मीचंद पटवारी कॉलेज के बीएड वर्ष 2014-15 के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधकों पर उनका परीक्षा फार्म न भरने और उनकी छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने मामले को मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दिया। सीडीओ ने उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार को इसकी जांच सौंपी।
धुरेंद्र कुमार की जांच में कॉलेज द्वारा किए गए गोलमाल का पर्दाफाश हो गया। मुख्य विकास अधिकारी जेपी रस्तोगी ने बताया कि पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के लगभग 138 छात्र-छात्राओं के खाते खेकड़ा की सिंडिकेट बैंक में ही खुलवाए गए। सभी की पासबुक और चैक अपने पास ही रखवा लिए।
समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 हजार 600 रुपये प्रति छात्र की छात्रवृत्ति खातों में भेजे गए। कॉलेज प्रबंधन ने सभी में से पैसे निकाल लिए। जिन छात्रों ने अपने पैसे खुद निकाले, उनसे भी कॉलेज में जमा करा लिए गए।
सीडीओ ने बताया कि गोलमाल सिर्फ इतना ही नहीं मिला, किसी भी छात्र-छात्रा का परीक्षा फार्म तक नहीं भरवाया गया। जबकि 31 अगस्त अंतिम तारीख थी। सभी परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरे जाने थे। जिस कारण सभी का साल बर्बाद हो गया।
कॉलेज में एडमिशन ही नहीं मिला
बागपत। धोखाधड़ी की हद तो तब पार हो गई जब इन छात्र-छात्राओं का कॉलेज में प्रवेश ही नहीं मिला। सीडीओ ने बताया कि सभी छात्रों को परिचय पत्र, लाइब्रेरी कार्ड एवं अन्य प्रपत्र तो लख्मीचंद कॉलेज पटवारी कॉलेज के दिए गए, क्लास भी यहीं लगाई गईँ, लेकिन उनका प्रवेश यहां नहीं मिला। किसी दूसरे कॉलेज में उनका प्रवेश दिखाया गया।
जांच अधिकारी ने सौंपी जांच
जांच अधिकारी उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान भी कॉलेज के एक पदाधिकारी द्वारा पूछताछ करने पर छात्रों के साथ अभद्रता की गई। उन्होंने पूरी जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है।