फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में रवि को पेश किया

Thu, 17 Sep 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत के खाप पंचायत के कथित फरमान के मामले में जेल में बंद रवि को मेरठ पुलिस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रवि से गहन पूछताछ की। अदालत ने रवि की रिहाई के लिए रवि और उसके भाई सुमित को सुप्रीम कोर्ट में मुचलका भरने को कहा। साथ ही दिल्ली पुलिस को उनके परिवार की सुरक्षा करने के आदेश दिए। इसके अलावा बागपत पुलिस को इस मामले में चार सप्ताह के अंदर रिमाइंडर दाखिल करने के आदेश दिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में खाप पंचायत का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रवि के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि रवि की 25 जून को कोर्ट से जमानत हो गई थी। हालांकि जमानती न मिलने के कारण रवि मेरठ जेल से नहीं छूट रहा है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रवि और उसका भाई सुमित 50-50 हजार रुपये का पर्सनल बॉड उनके यहां भरे। उसके बाद बागपत कोर्ट को रवि की रिहाई करने के आदेश दिए जाएंगे।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रवि को एनडीपीएस के मामले में जेल भेजने की यूपी सरकार चाहे तो दूसरी एजेंसी से जांच करा सकती है। बागपत पुलिस को भी इस मामले में चार सप्ताह के अंदर रिमाइंडर दाखिल करने का आदेश दिए।

साथ ही आदेश दिए कि एनडीपीएस मामले की पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने से पूर्व केस डायरी उनके सम्मुख पेश करे। इसके अलावा रवि के परिजनों की दिल्ली पुलिस को सुरक्षा करने के आदेश दिए हैं।

एसपी शरद सचान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्राप्त हो गया है। उसमें खाप पंचायत का कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा कोर्ट ने कई आदेश दिए है। उनका पालन किया जाएगा।

अटकी रही पुलिस अधिकारियों की सांसें
बागपत। इस मामले को लेकर बागपत पुलिस काफी टेंशन में है। जब तक सुप्रीम कोर्ट ने आदेश नहीं दे दिया, तब तक उनकी सांसें अटकी रही। अधिकारी एक-दूसरे के पास फोन करके लगातार संपर्क करते रहे।

सांकरौद के लोगों की टीवी पर रही नजर
बागपत। इस मामले को लेकर सांकरौद के लोग सबसे ज्यादा बेचैन नजर आए। वे पूरे दिन टीवी पर ही नजर लगाए रहे। पूरे दिन गली-मोहल्ले सुनसान पड़े रहे। इस मसले को लेकर लोग एकदूसरे से जिक्र करने में मशगूल रहे।
विज्ञापन


ये दिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश
एनडीपीएस मामले की यूपी सरकार चाहे तो दूसरी एजेंसी से करा सकती है जांच
चार सप्ताह के अंदर बागपत पुलिस को इस मामले का करना होकर रिमाइंडर दाखिल
दिल्ली पुलिस को करनी होगी रवि के परिवार की सुरक्षा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें