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15 हजार रुपये का इनामी राहुल काठा गिरफ्तार

Wed, 28 Jun 2017 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बदमाश राहुल काठा का खुलासा करते एएसपी अजय कुमार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पंद्रह हजार रुपये के इनामी गैंगेस्टर राहुल काठा को पुलिस ने हरचंदपुर और सुन्हैड़ा के जंगल में मुठभेड़ के बाद दबोच लिया, लेकिन उसका साथी कमल भागने में सफल रहा। आरोपी राहुल के खिलाफ विभिन्न थानों में 13 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी हत्या के केस के गवाह मकसूद की हत्या करने की तैयारी में था। इससे पहले ही वह पकड़ा गया।
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प्रभारी एसपी अजय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया मंगलवार को करीब 12 बजे जानकारी मिली हरचंपुर के जंगल में कुछ अपराधी हथियार लेकर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही सीओ श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम, बागपत कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर अपराधी भागने लगे।

पुलिस पकड़ने के लिए पीछे दौड़ी तो अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिए। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर आरोपी ने खुद को राहुल निवासी काठा बताया। जो 15 हजार रुपये का इनामी है। उसका साथी कमल निवासी शबगा भागने में कामयाब हो गया।
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प्रभारी एसपी ने बताया  आरोपी राहुल हत्या के केस के गवाह मकसूद की हत्या करने की फिराक में था। आरोपी के पास से एक पिस्टल और एक तमंचा बरामद हुआ है। आरोपी ने काठा गांव में 14 मार्च की रात में डंपर चालक लियाकत की  हत्या की थी। इस केस में आरोपी फरार है। 

मुजफ्फरनगर दंगे के बाद खौल उठा खून
बागपत। पुलिस के शिकंजे में फंसे राहुल ने कहा मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने के लिए ही उसने चांद की हत्या की थी। ईद पर उसे वारदात के गवाह मकसूद की हत्या करने थी, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। मंगलवार को पुलिस लाइन में राहुल ने पुलिस की मौजूदगी में कहा काठा गांव के युवक चांद की नौ सितंबर 2013 को हत्या की थी।

इस केस की पैरवी चांद का भाई मकसूद कर रहा है। उसे और उसके परिवार को कई बार कोर्ट में गवाही न देने को कहा, लेकिन मकसूद नहीं मान रहा है। इसी कारण मकसूद उसके निशाने पर है। मकसूद गांव से बाहर रहता है। उसको पता था ईद पर मकसूद अपने घर पहुंचेगा। मंगलवार को वह हरचंदपुर के खेतों के रास्ते काठा गांव में मकसूद की हत्या करनेे की योजना बना रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसको देख लिया और सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बेखौफ होकर कहा जेल से छूटने के बाद मकसूद की हत्या करेगा।

इनामी राहुल को पकड़ने में कोतवाली एसएसआई धर्मेेंद्र सिंह सिंधू, क्राइम ब्रांच प्रभारी कर्मवीर सिंह, कांस्टेबल विकास कुमार, अवतार सिंह, कमलदीप, राजन चौधरी, मनीष यादव, मनोज कुमार, अरूण कुमार, दीपक कुमार, देवेश कुमार, दीपक कुमार, मोनू और अरुण शामिल रहे है। राहुल ने बताया उसके साथी कपिल ने कहां था लियाकत भी चांद की हत्या के केस का गवाह है। तभी से उसके निशाने पर लियाकत आ गया था और मौका मिलते ही उसकी हत्या कर दी, लेकिन लियाकत केस का गवाह नहीं था।   

हत्या कर नोएडा में राहुल बन गया ठेकेदार 
बागपत। राहुल ने बताया उसने फरारी नोएडा में काटी है। वहां भवनों में शीशे लगाने का ठेका लेता था। कभी-कभी बागपत में भी आ जाता था। 

पुलिस रिकार्ड में राहुल पर दर्ज है 13 मुकदमें 
बागपत। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक राहुल के खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले वर्ष 2011 में बागपत कोतवाली में मारपीट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने चांद के अलावा गांव में ही एक मिस्त्री की हत्या की थी। उसके खिलाफ जानलेवा हमला, दो गैंगेस्टर समेत अन्य अन्य धारा के मुकदमे हैं। इसके अलावा कई घटनाएं तो पुलिस रिकार्ड में भी नहीं है। पुलिस उनका पता लगाने में लगी हुई है। राहुल तीन लोगों की हत्या कर चुका है।
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