बागपत। सूप गांव में वर्ष 2010 में चुनावी प्रचार करने जा रहे रणवीर की गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले की कोर्ट ने सुनाई करते हुए सोमवार को साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपियों में अनिल सूप समेत छह आरोपी शामिल हैं। एक आरोपी की केस की विचारण के दौरान मौत हो गई थी।
रणवीर की पत्नी रीता देवी ने रमाला थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी थी। 20 अक्तूबर 2010 को उसके पति रणवीर, मांगेराम और नरेंद्र निवासी कस्बा दोघट जो रिश्ते के देवर हैं और सूप गांव के सचिन को लेकर सुबह वोट मांगने के लिए गांव में जा रहे थे। रास्ते में उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान उनके पति की मौके पर ही मौत हो गई थी और नरेंद्र और सचिन गोली लगने से गंभीर घायल हो गए थे। जानकारी मिलने पर वह और उसकी सास मौके पर पहुंची थी।
उसने वारदात को अंजाम देकर भागते हुए अनिल और सुनील पुत्र रगवीर, अंकुर और शौकेंद्र पुत्र सतेंद्र, अरविंद उर्फ डबास पुत्र जगवीर, पवित्र पुत्र धर्मवीर, संजय पुत्र समुंदर को देखा था। आरोपियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। तभी से केस कोर्ट में चल रहा है। अभियुक्तों के अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया आरोपी पवित्र की केस के विचारण के दौरान मौत हो गई । अन्य आरोपियों का केस एडीजे (द्वितीय) समर पाल सिंह बालियान की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में 13 सदस्यों की गवाही हुई। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।