पंजाब राज्य के जिला फिरोजपुर की पुलिस और एसटीएफ की टीम ने क्षेत्र में तीन दिन से गोपनीय रूप से डेरा डाल रखा है। टीम फर्जी दस्तावेजों के आधार से बनवाए गए शस्त्र लाइसेंस धारकों की तलाश में जुटी है, लेकिन कोतवाली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है।
जुलाई 2016 में पंजाब पुलिस ने एक महीने तक यहां डेरा डाले रखा था और भारी मात्रा में पंजाब से बने शस्त्र लाइसेंस को जब्त किया था। इस कड़ी में पिछले तीन दिन से पंजाब के जिला फिरोजपुर की पुलिस एसटीएफ के साथ बड़ौत में डेरा डाले हैं, वह फिरोजपुर से बनवाए शस्त्र लाइसेंस धारकों की तलाश में जुटी हैं।
लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के कुछ लोगों को भी टीम के सदस्य साथ लिए हैं। वह गोपनीय तरीके से बागपत जनपद क्षेत्र के गांवों में वहां से बनवाए शस्त्र धारकों को चिंहित कर रही है। सूत्रों के अनुसार टीम के सदस्य कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया पंजाब पुलिस की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वे अपने स्तर पर पहले भी कार्रवाई कर चुकी है और इस बार भी यदि पंजाब पुलिस आई हुई है तो उन्होंने कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी है। इस बारे में पंजाब पुलिस की सूचना देने पर ही जानकारी हो पाएगी। पुलिस ने कहा कि इस मामले में सहयोग किया जाएगा।