कोतवाली के सामने कुरैशियान मोहल्ले में गौवंश व पशु कटान का मामला वर्षों से चल रहा है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी थी। कुछ दिन पहले भी गौवंश हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था और उन्हें थाने से ही छोड़ दिया था। यह मामला कई दिन तक सुर्खियों में रहा। बुधवार को आखिर पुलिस की नींद क्यों टूटी। इस पर भी लोग अंगुलियां उठा रहे हैं।
कोतवाली की नाक के तले अवैध पशु कटान का मामला वर्षों से चल रहा है। कई सामाजिक संगठनों द्वारा इसकी शिकायत की जाती रही और सुबह के समय तो नालियों में खून बहता दिखाई देता था, लेकिन पुलिस को सब कुछ पता होते हुए भी वह मूकदर्शक बनी थी। बताया जाता है कि बड़ौत में पशु वध करने का कोई लाइसेंस नहीं है। पहले लोग कोताना की बूचड़खाने में पशु वध कर वहां से मांस बड़ौत लाकर बेचते थे।
लेकिन अब पशु कटान माफिया ने बड़ौत के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया और यह अवैध व्यापार नगर के पठानकोट मोहल्ले और शौरगिरान मोहल्ला भी गिरफ्त में ले लिया, लेकिन पुलिस इनके खिलाफ मूकदर्शक बनी हुई थी। इसके पीछे क्या रहस्य था। इतना ही नहीं गौवंश की हत्या करने वाले लोग बड़े ही नाटकीय तरीके से लाते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माफिया बुग्गी में बैल बांधकर लाते थे और कोतवाली के सामने उन बैलों को खोलकर कस्सावान मोहल्ले में ले जाते थे और पुलिस भी इससे अनभिज्ञ नहीं थी। अब लोगों का कहना है कि बुधवार को ही क्यों पुलिस की नींद टूटी। व
र्षों से चल रहे इस अवैध पशु कटान पर छापा लगाकर इसके पीछे भी कोई राज छिपा है। यह भी बताया जाता है कि इस अवैध व्यापार से जुड़ा माफिया अधिक समय कोतवाली में बैठकर गुजारता था। इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं इससे जुड़ी हुई थी। लेकिन यदि कोई लोग इनके खिलाफ बोलता तो उन्हें धमकियां दी जाती थी और पुलिस भी कुछ नहीं करती थी।
इस संबंध में सीओ सीपी सिंह ने बताया यह मामला गंभीर है और यह सारा घटनाक्रम कोतवाली के सामने होता रहा यह पुलिस के लिए भी शर्म की बात है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है, यदि इस कारोबार से किसी पुलिसकर्मी का संबंध रहा है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। इस संबंध नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक ब्रहमपाल ने बताया बड़ौत में पशु कटान का कोई लाइसेंस नहीं है। यह अवैध रूप से हो रहा है।
भाजपाइयों ने कोतवाली घेरी
कोतवाली के सामने हो रहे गौवंश हत्या की सूचना पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में हंगामा किया और कोतवाली पहुंचे डीएम और एसपी का घेराव कर सख्त कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने घेराव समाप्त किया।
बुधवार को कोतवाली के सामने गौवंश की हत्या की सूचना पर भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और पकड़े गौवंश की हत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसी दौरान कोतवाली पहुंचे डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी पूनम का उन्होंने घेराव किया और उन्होंने इस मामले में आरोपियों पर एनएसए लगाने की मांग की।
इस पर डीएम और एसपी ने एसएसआई कोतवाली को आदेश दिए कि फरार आरोपियों को तीन दिन में गिरफ्तार करें और उन्हें रासुका लगाने का भी आश्वासन दिया। इस पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने कहा जिले में कहीं पर भी इस तरह का अपराध सहन नहीं होगा।
इसमें चंद्रवीर तोमर, अनिल, सतीश जैन, राकेश जैन, प्रवीण, डॉ. अमित खोखर, अनंत चौधरी, राम कुमार पंवार, अभिनव, राजगोपाल, विनोद, मुकेश उपाध्याय, सोनू, महेंद्र सिंह, मनोज, अतुल जैन, सचिन, प्रवीण शर्मा, कुलदीप त्रिवेदी, राकेश, सचिन आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।