बागपत। मिस्ट्री बनते जा रहे गांगनौली कांड में पुलिस भी चक्कर घिरनी बनी हुई। सबसे ज्यादा सस्पेंस हमलावरों के अलावा पंकज के घर के लोगों की एंट्री पर भी है। छानबीन के बाद कई चीजें स्पष्ट तौर पर सामने आ रही हैं।
यूपी पुलिस का सिपाही विजय कुमार : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विजय की ड्यूटी वारदात से सिर्फ दो दिन पहले यानि आठ अक्तूबर को ही लगाई गई थी। यानि विजय की ड्यूटी के सिर्फ तीसरे ही दिन खूनी वारदात हो गई।
पीएसी का एचसीपी राकेश शर्मा : गांगनौली में पंकज के घर राकेश शर्मा की ड्यूटी सिर्फ 10 दिन पहले यानि पहली अक्तूबर को ही लगाई गई थी। इससे पहले वह गांव में गारद में तैनात था। वह भी माहौल से पूरी तरह वाकिफ नहीं था।
पीएसी का सिपाही प्रताप कुमार : गांगनौली में तैनात पीएसी सेक्शन के प्रभारी ने बताया प्रताप की ड्यूटी पांच अक्तूबर को ही पंकज के घर पर लगाई गई थी। वह वारदात के दिन वहीं पर मौजूद था। हालांकि गांव से पुराने सेक्शन को बदल दिया गया है।
वारदात का चश्मदीद अमन कुमार : कक्षा आठ का छात्र अमन कुमार वाजिदपुर गांव का रहने वाला है। वह पिछले एक महीने से गांगनौली में था, लेकिन बीच में उसके पिता ने बुला लिया। वारदात से एक सप्ताह पहले ही वह दोबारा गांव में गया था।
वारदात में मारा गया बुजुर्ग मांगेराम : बुजुर्ग मांगेराम वारदात के दिन वाजिदपुर से मेरठ अपनी आंख दिखाने के लिए गया था। वारदात से सिर्फ 20 मिनट पहले ही वह गांगनौली पहुंचा था। सविता उसके लिए ही चाय बना रही थी।
पहले से कौन-कौन थे घर में
घर के ग्राउंड फ्लोर पर सविता, प्रीति, अमन और मांगेराम थे। पहली मंजिल पर बने एकमात्र कमरे में सिपाही विजय, प्रताप और राकेश शर्मा मौजूद थे।
कौन थे घर में आए दो युवक
प्रीति और अमन बातचीत कर रहे थे, जबकि सविता मांगेराम के लिए चाय बना रही थी। इस बीच दो युवक घर के मुख्य गेट में घुसे ओर सीधे ऊपर कमरे में चले गए। सवाल है कि उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया ।
फार्म भरने के लिए गया था पंकज
जांच में पंकज ने बताया वह अपना फार्म भरने के लिए बड़ौत गया था। घर का वह अकेला सदस्य ऐसा था, जो घर से बाहर था। उसके साथ दोनों युवक मेरठ के लिए निकले थे। पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है, मेरठ गए दोनों युवक कौन थे।