मक्का के करीब स्थित मीना में शैतान को पत्थर मारने के दौरान मची भगदड़ में बेटे के गुम होने के सदमे से नगर के मोहल्ला व्यापारियान निवासी 85 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
वह पुत्र और पुत्रवधु के साथ हज पर गई थी। हालांकि उसका बेटा सुरक्षित है, वह रास्ता भटकने के कारण गुम हो गया था। उसकी मौत की खबर से परिवार में गमगीन माहौल है।
बागपत के मोहल्ला व्यापारियान निवासी हमीद अपनी पत्नी शमशादी और मां हाशिया (85) के साथ हज के लिए गए थे। बृहस्पतिवार को मक्का के शहर मीना में शैतान को पत्थर मारने के दौरान मची भगदड़ में सैकड़ों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए।
उस समय हमीद वहीं पर थे, जबकि उनकी पत्नी शमशादी एवं मां हाशिया अपने कमरे पर रुक गई थी। हमीद इस भगदड़ में रास्ता भटक गए और रात भर कमरे पर नहीं पहुंचे। हमीद के भाई मोहम्मद यामीन ने बताया कि भगदड़ मची और कुछ ही देर में लाशों के ढेर लगने की सूचना जैसे ही उनकी मां हाशिया और हमीद की पत्नी शमशादी को लगी तो वे घबरा गई।
उन्होंने हमीद को फोन लगाया तो संपर्क नहीं हुआ। घटना के बाद रात भर हमीद लौटे नहीं तो उनकी मां हाशिया बेटे के साथ अनहोनी की आशंका से सदमे में आ गई। सुबह जब हमीद कमरे पर पहुंचे तब तक हाशिया की मौत हो चुकी थी। यामीन ने बताया कि मां को मक्का में ही सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
मौत से मचा कोहराम
मक्का में हाशिया की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिली, सांत्वना देने के लिए भीड़ उनके घर पर पहुंचने लगी। गमजदा परिवार को सांत्वना देने के लिए शाम तक लोग उनके घर पहुंच रहे थे।
फोन संपर्क कटा रहा
मोहम्मद यामीन ने बताया बृहस्पतिवार की रात से ही वह हमीद को संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन न तो हमीद का फोन मिल पा रहा था और न ही हमीद की पत्नी शमशादी का फोन मिल पाया। जुमे को दोपहर 12 बजे फोन मिला, तब मां के इंतकाल की जानकारी हुई।