बागपत। सुबह छह बजे गोलियों की आवाज से टीकरी कस्बा दहल उठा। किसान को ही गोलियां नहीं मारी, बल्कि गलियों से होते हुए भी बदमाश हवाई फायरिंग करते निकले। उनकी दहशत से मकान और दुकानों के शटर बंद हो गए। गलियां सुनसान हो गई। वारदात में 50 हजार का इनामी मोनू जाट भी शामिल था।
कस्बावासियों के मुताबिक शनिवार सुबह सभी लोग अपने काम में लगे थे। अचानक ही एक बाइक पर तीन बदमाश पहुंचे। गली में खड़े होकर किसान लाल बहादुर सिंह को आवाज लगाई। उनके गेट खोलते ही बदमाशों ने गाली देकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मोहल्ले के लोग मकान में दुबक गए। इसके बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए पुलिस के सामने से भाग गए। धमकी दी किसी ने भी मुंह खोला तो उसका भी यही हाल होगा। लोगों में बदमाशों की इतनी दहशत हो गई थी कि वे काफी देर बाद अपने मकानों से निकले।
किसान के मरने के बाद भी मारते रहे गोली
बागपत। लोगों की माने तो किसान की दो गोली लगने के बाद ही मौत हो गई थी, लेकिन उसके बाद भी बदमाश उनको गोली मारते रहे। उनका मकसद गांव में दहशत फैलाना है।
पुलिस चाहती तो पकड़े जाते बदमाश
बागपत। लोगों ने कहा पुलिस चौकी के सामने से बदमाश भागे है। पुलिस ने एक बार भी उनको पकड़ने का प्रयास नहीं किया। जरा भी कोशिश करती तो बदमाश पकड़े जाते।
लोग बोले, शव तभी उठेगा, जब मोनू पकड़ा जाएगा
दोघट। कस्बे के लोग इतने गुस्से में थे कि किसान लाल बहादुर सिंह के शव को पुलिस को नहीं ले जाने दे रहे थे। बोल रहे थे कि शव यहां से तभी उठेगा तब मोनू पकड़ा जाएगा।
परिवार में मचा कोहराम
दोघट। लाल बहादुर के तीन बेटी वीशू, गुडिया, स्वाति व एक बेटा शेखर राठी है। वीशू और गुडिया शादीशुदा है। हादसे से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस की लापरवाही से गई किसान की जान
दोघट (बागपत)। किसान लाल बहादुर की जान पुलिस की लापरवाही से गई है। लोगों ने कहा इनामी बदमाश मोनू जाट शुक्रवार शाम से कस्बे में घूम रहा और दुकानदारों से रुपये की मांग कर मारपीट रहा था।
कस्बावासियों ने कहा मेरठ के रोहटा का मोनू जाट और टीकरी का नितिन अपने एक अन्य साथी के साथ शुक्रवार शाम से ही कस्बे में घूम रहे थे। बदमाशों ने शराब के ठेके पर एक व्यक्ति की पिटाई की। किसान लाल बहादुर के मकान के पास ही रहने वाले एक युवक के मकान में पहुंचकर बदमाशों ने रुपये की मांग की थी।
रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। लोगों की माने तो पुलिस ने उसको थाने पर बुलाकर भी जानकारी की थी। दहशत के चलते पीड़ित ने रात में ही अपने परिवार के साथ कस्बे से पलायन कर दिया। इस मामले को पुलिस ने जरा भी गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि शनिवार सुबह ही किसान की जान चली गई।
12 दिन पहले की थी विवेक की हत्या
दोघट। मोनू रोहट और नितिन टीकरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 12 सितंबर को कस्बे के मैन बाजार में युवक विवेक की गोलियों से भूनकर हत्या की थी।
वेस्ट यूपी का सबसे बड़ा अपराधी बनना है मोनू रोहट
दोघट। 50 हजार रुपये का इनामी मोनू रोहट अपराध की दुनिया का बादशाह बनना चाहता है। उसका मकसद वेस्ट यूपी का सबसे बड़ा अपराधी बनना है। दहशत फैलाने के लिए मेरठ और बागपत में एक के बाद एक हत्या कर रहा है। 15 दिन में पांच वारदातों को अंजाम दे चुका है।
मेरठ के रोहटा निवासी मोनू जाट उर्फ अमित आतंक का पर्याय बना हुआ है। बागपत के कस्बा टीकरी और अपने गांव रोहटा में अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर रहा है। शुक्रवार को उसने रोहटा में रंगदारी न देने पर युवक की हत्या कर दी थी। 15 दिन के अंतराल में ही दंपति को भी मौत की नीद सुला चुका है।
शनिवार सुबह उसने टीकरी कस्बे में किसान लाल बहादुर सिंह की हत्या कर दी। 12 दिन पूर्व कस्बे के ही युवक विवेक की रुपये न देने पर हत्या कर दी थी। वह खुलेआम बोल रहा है कि वे यहां का सबसे बड़ा बदमाश बनेगा। उसकी कस्बे में दहशत व्याप्त है। एसपी पूनम ने कहा मोनू रोहटा व उसके साथियों को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।