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बागपत से भी जुड़े मुकीम गैंग के तार

Thu, 04 Jan 2018 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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कुख्यात मुकीम काला गैंग के तार बागपत में भी जुड़े रहे। सहारनपुर समेत अन्य स्थानों पर वारदात को अंजाम देकर बागपत में गिरोह के सदस्य शरण लेते हैं। चंादीनगर क्षेत्र के पांची गांव का एक व्यक्ति गिरोह को असलाह उपलब्ध कराता था। बागपत पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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कुख्यात मुकीम काला गैंग शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में वारदात को अंजाम देते हैं। गिरोह का बागपत से पुराना नाता रहा है। आरोपी कई वारदात को अंजाम देकर बागपत होते लोनी चले गए थे। कई बार बागपत में भी शरण ली है। गिरोह को असलाह उपलब्ध कराने वाले एक सदस्य को पांची गांव से पुलिस ने करीब तीन साल पहले गिरफ्तार किया था। जो वहीं पर रहता था।

उसने पुलिस को पूरे गैंग की जानकारी दी थी। मुकीम के पकड़े जाने केे बाद सहारनपुर पुलिस ने उसके गिरोह के सदस्य पकड़े थे। इन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दी थी। इनमें बागपत के युवक शामिल रहे थे।
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सूत्रों की माने तो पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी साबिर भी बागपत में आता-जाता रहा है। वह किसके पास आता था, इसकी पुलिस गोपनीय रूप से जांच कर रही है। हालांकि पुलिस अफसरों ने इस तरह की जानकारी से इंकार किया है। एसपी जय प्रकाश का कहना है कि मुकीम काला गैंग बागपत में सक्रिय नहीं है, अभी जांच पड़ताल चल रही है।

पुलिस मुठभेड़ में बागपत में कई पुलिस वाले हुए घायल
बागपत। गांगनौली गांव के जंगल में जनवरी 2015 में एक लाख रुपये के इनामी प्रमोद राठी गैंग से पुलिस मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने प्रमोद के साथी प्रवीन उर्फ भगत को मार गिराया था। प्रमोद का भाई रवि गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।

उसको पुलिस ने पकड़ लिया था। इस दौरान एक पुलिस वाला भी चोटिल हो गया था। इसी तरह छह साल पूर्व खेकड़ा के बड़ागांव नहर पर 35 हजार रुपये के इनामी सोनू तुगाना को भी पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया था। उस समय भी एक पुलिसवाला घायल हो गया था। बता दें कि बागपत जनद में अब तक हुई मुठभेड़ में कई पुलिस वाले घायल हो चुके है। 
मुकीम गैंग के छक्के छुड़ाने में आगे रहे बागपत के पुलिस वाले

बागपत। मुकीम काला गैंग के छक्के छुड़ाने में बागपत के पुलिस वाले आगे रहे हैं। गिरोह के सदस्य एक लाख रुपये के इनामी साबिर की पुलिस से मुठभेड़ हुई। इसमें बागपत के वाजिदपुर गांव का सिपाही अंकित गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।

बताया जाता है कि उसने बहादुरी का परिचय दिया। नतीजा हुआ कि पुलिस ने बदमाश को ढेर कर दिया। हालांकि अंकित सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इससे पहले सहारनपुर में इसी गिरोह के बदमाशों की पुलिस से करीब ढाई साल पूर्व मुठभेड़ हुई थी। बदमाशों ने एक पुलिस अफसर को घेर लिया था। उनके हमराह रहे ढिकौली के राहुल ढाका ने बदमाशों से लोहा लिया। बदमाशों ने उसको गोली मार दी थी। उसने अपनी जान गवाकर अफसर को बचाया था। उसकी शहादत को आज भी बागपत के लोग याद करते हैं।
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