बागपत। पचास हजार रुपये का इनामी मोनू जाट पुलिस को खुली चुनौती दे रहा है। बुधवार को वह परतापुर क्षेत्र में दिखाई दिया। पता चलते ही पुलिस ने पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया। घंटों सर्च अभियान चला, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
मेरठ के रोहटा और टीकरी कस्बे में लगातार वारदात को अंजाम देने के आरोपी मोनू जाट के आगे पुलिस तंत्र फेल है। मोनू खुलेआम बागपत और मेरठ में घूम रहा है। मंगलवार को वह कस्बा टीकरी में दिखाई दिया। बुधवार को मेरठ के परतापुर क्षेत्र में उसके होने की जानकारी मिली।
कई थानों की पुलिस ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील किया। इससे फिर स्पष्ट हो गया मोनू बागपत और मेरठ से बाहर नहीं है। कभी मेरठ तो कभी बागपत में घूम रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों में भय कम होने के बजाए ओर बढ़ रहा है। सीओ (क्राइम) श्वेतांभ पांडेय ने कहा मोनू के मेरठ के परतापुर क्षेत्र में होने की जानकारी मिली थी। क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, कामयाबी नहीं मिली।
पुलिस ने गुराना, हिलवाड़ी समेत कई गांवों में दबिश दी
बागपत (। मोस्ट वांटेड अपराधी मोनू जाट की गिरफ्तारी के लिए बागपत और मेरठ पुलिस ने संयुक्त रूप से गुराना, हिलवाड़ी समेत कई गांवों में दबिश दी। इस दौरान टीम को कई अहम जानकारी मिली। पुलिस का दावा है जल्द ही मोनू को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अफसरों ने मोनू के करीबी रहे कई लोगों से जानकारी की। पूछताछ में पता चला उसको गांव गुराना, हिलवाड़ी, कुड़ीर्, इस्सोपुर टील, कंडेरा और कस्बा टीकरी में कई लोग शरण देते हैं। इस आधार पर सरधना सीओ बृजेश सिंह और इंस्पेक्टर राजेश वर्मा के नेतृत्व में मेरठ और बागपत की पुलिस ने संबंधित गांवों में दबिश दी। इस दौरान पुलिस को मोनू तो नहीं मिला, लेकिन उसके बारे में खूब जानकारी मिली।
पुलिस सूत्रों की माने तो मोनू जाट उर्फ अमित रोहटा अपराध करने के बाद आराम से इन गांवों में रहता है। कई लोग उसकी मद्द करते हैं। पुलिस मोनू से जुटे लोगों की सूची तैयार कर रही है।