भरतू नाई गैंग का सदस्य और 50 हजार रुपये के इनामी रहे मोनू जाट के साथी पांच हजारी संजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि संजीव युवक विवेक की हत्या में शामिल रहा था। एक साल से अधिक से समय फरार चल रहा है। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ है।
एएसपी अजय कुमार सिंह ने पत्रकार को बताया थाना दोघट प्रभारी चितवन कुमार ने मुखबिर की सूचना पर दोघट बस स्टैंड के पास से संजीव पुत्र बाबू निवासी टीकरी को गिरफ्तार किया। उसके पास से तमंचा, दो कारतूस बरामद हुए हैं।
आरोपी संजीव ने मेरठ के रोहटा निवासी मोनू, कस्बा टीकरी निवासी नितिन, योगेंद्र, राजीव और राहुल के साथ मिलकर 12 सितंबर 2016 को कस्बे में ही युवक विवेक की रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या की। मोनू रोहटा के भरतू नाई गैंग का सदस्य है और पचास हजारी बदमाश है। इस केस में आरोपी संजीव फरार चल रहा था। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित है।
लूट के आरोपी सिपाही सहित दो का कोर्ट में सरेंडर
बड़ौत में तहसील गेट के पास अधिवक्ता से लूटपाट करने के मामले में आरोपी सिपाही सहित दो लोगों ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। केस का एक आरोपी पहले ही जेल जा चुका है।
बड़ौत के अधिवक्ता यशवीर सिंह चौहान ने 11 अगस्त को कोतवाली में दी तहरीर में बताया वे अपने घर से तहसील में जा रहे थे। रास्ते में तहसील के गेट के पास ही एक युवक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उनको रोक लिया और खुद को पुलिस वाला बताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोपियों ने उनसे 10 हजार रुपये नगद, अंगूठी, घड़ी और मोबाइल लूट लिए । शोर शराबा होने पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। आरोपी ने खुद की बिजनौर में तैनाती बताया । उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ । पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी ।
इस मामले में धनौरा सिल्वरनगर गांव के सिपाही संदीप और उसके साथियों का नाम सामने आया। सफलता नहीं मिलने पर उनके मकान की कुर्की करने की कार्यवाही शुरू की। आरोपी सिपाही संदीप और उसके साथी राकेश ने पुलिस को चकमा देकर सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी। थाना प्रभारी हरेराम यादव ने कहा आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया है। उनका एक साथी पहले जेल जा चुका है।
करवा चौथ पर जा रहा था घर
बागपत। एसओ चितवन ने बताया आरोपी संजीव शामली रिश्तेदारी में फरारी काट रहा था। आरोपी करवा चौथ पर घर जा रहा था। रास्ते में ही उसको गिरफ्तार कर लिया। उसका भाई राजीव इसी केस में पहले जेल जा चुका है। उधर, संजीव ने कहा उसे और उसके भाई को केस में झूठा फंसाया है।