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दत्तनगर में बच्चे बना रहे पटाखे, पुलिस बोली-सब ओके

Tue, 10 Oct 2017 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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दत्तनगर में पटाखे बनाते किशोर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश बेमायने साबित हो रहे हैं। गांव दत्तनगर में पटाखे बनते और बिकते रहे, लेकिन बालैनी थाने की पुलिस ने कहा गांव दत्तनगर में सब कुछ ओके है। अमीनगर सराय में भी नाबालिग पटाखे बना रहे हैं। यही हाल बड़ौत और बागपत का है।  

सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर 2016 के आदेश को बरकरार रखते हुए एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी है। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में दत्तनगर गांव में बारूद से खेलते बच्चों की तस्वीरें प्रकाशित की। यहां बड़ी संख्या में बच्चों को पटाखों के निर्माण में लगा दिया गया है।
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समाचार प्रकाशित होते ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा  प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जिले में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। निर्माण की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

 उधर, उच्चाधिकारियों ने बालैनी थाना प्रभारी राजपाल सिंह को दत्तनगर जाकर जांच के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ने कहा गांव में सब ठीक है। उन्हें कहीं पटाखे बनते नहीं मिले हैं। डीएम भवानी सिंह ने कहा प्रशासन की टीम को भेजकर यहां जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और पटाखों का निर्माण और बिक्री नहीं होने दी जाएगी। बागपत शहर के अलावा बड़ौत और खेकड़ा में महिलाओं और बच्चों से पटाखों का निर्माण कराया जा रहा है।  

चंद रुपयों में यहां जान का खतरा 
अमीनगर सराय। कस्बे में बड़ी संख्या में पटाखों का निर्माण कराया जा रहा है। बच्चों और महिलाओं को चंद रुपयों का लालच देकर उनके हाथों में बारूद थमाया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि कई-कई हजार पटाखे बनाने पर कुछ ही रुपये उन्हें मिलते हैं।  

एक अनार का सिर्फ एक रुपया 
दत्तनगर में एक किशोर ने बताया उन्हें एक अनार में बारूद भरने के बदले सिर्फ एक रुपया ही दिया जाता है। इसलिए वे ज्यादा रुपये कमाने के लिए काम में लगे रहते हैं।  
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देहात में हो चुकी है बिक्री शुरू 
बागपत। दीपावली नजदीक आते ही शहर से लेकर देहात तक पटाखों की बिक्री शुरू हो चुकी है। बड़ौत में दुकानें सजी हैं। ग्रामीणों ने कहा बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण के अलावा ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है।  
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