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न्याय के लिए हर दरवाजे पर दी दस्तक

Sun, 15 Oct 2017 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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किरठल गांव में जांच करने पहुंचे सीओ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अंधे-बहरे सिस्टम की अनदेखी से बिटिया की जान चली गई। पुलिस ने अपनी ही अदूरदर्शिता की फाइल फिर खोल ली है। आबरू लुटी तो पीड़ित ने मोहल्ले, थाने, एसपी दफ्तर और मुख्यमंत्री के दरबार तक न्याय मांगा।
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तार-तार हुई इज्जत हर दर पर कहानी बन गई। खूब नुमाइश हुई, लेकिन इंसाफ कहीं नहीं मिला। दोबारा इज्जत लुटे, इससे पहले ही पीड़ित फांसी पर लटक गई। 

तीन बीघा के किसान के घर में मातम पसरा है। एक बेटी नहीं रही। वजह है सिस्टम की अदूरदर्शिता। जिस किशोरी को आरोपी कार में घुमाते रहे, सामूहिक दुष्कर्म किया और थाने के पास ही छोड़ गए, उन पर कार्रवाई के नाम फाइनल रिपोर्ट लगा दी। मोहल्ले में इंसाफ मांगा, गांव के लोगों से मिली।

रमाला थाने में गिड़गिड़ाई, एसपी दफ्तर में पहुंची। आंसू बहाता किसान बताता है कि लखनऊ तक गए, बड़े लोगों को चिट्ठी भेजी, लेकिन उनका जीना मुहाल हो गया। किसी ने एक नहीं सुनी, किसी ने साथ नहीं दिया।
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फिर से आबरू लुटने का खतरा था, आखिर वह क्या करती। फांसी के फंदे पर लटककर उसे जान देनी ही पड़ गई। आए दिन गली से गुजरते समय उस पर छींटाकशी करते थे। सरेआम उसके साथ छेड़छाड़ करते थे। विरोध करने पर गाली-गलौज करते थे आरोपी। इससे परिजनों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया था। 

सिस्टम अंधा था, छोड़ना पड़ गया स्कूल 
बागपत। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ाई में काफी होशियार थी। आरोपी उसको आते-जाते समय परेशान करते थे, लेकिन उसे स्कूल छोड़ना पड़ गया। वह घर पर रहकर ही पढ़ाई करने का प्रयास कर रही थी। 

 किस काम की रमाला थाने की पुलिस 
बागपत। परिजनों का कहना है कि रमाला थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। बाद में इसकी शिकायत तत्कालीन एसपी से की थी। एसपी के निर्देश पर छह जुलाई को मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन आरोपियों को उसके बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया। यही नहीं पीड़ित इंसाफ मांगती रही और विवेचक ने केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। 

जिसने गड़बड़ी की उसकी खैर नहीं : एसपी 
एसपी जय प्रकाश ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रमाला थाने के विवेचक ने एफआर लगा दी । जो सीओ रमाला कार्यालय में हैं। अभी कोर्ट में दाखिल नहीं हुई है। उसको दोबारा विवेचना के लिए भेजा है।

इस बार विवेचना एक पैनल से कराई जाएगी। यदि केस की पहली विवेचना में गड़बड़ी पाई गई तो पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर हुई है। गड़बड़ी करने वाला पुलिस वाला हो या अन्य कोई प्रत्येक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।  
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