बागपत के बड़ौत में सहारनपुर से दिल्ली जा रही ट्रेन में जहरखुरानी गिरोह ने एक परिवार को केले में नशीला पदार्थ खिलाकर उनके सोने के कुंडल, नगदी लूट ली। जब ट्रेन बड़ौत रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उन्हें बेहोशी की हालत में उतारा गया। जीआरपी मौके पर पहुंची, लेकिन उन्होंने उनका इलाज कराने के बजाए क्षेत्र सहारनपुर का बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। बाद में महिला और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सहारनपुर से दिल्ली की ट्रेन सोमवार तड़के तीन बजे रवाना हुई। सहारनपुर से उसमें कालू पुत्र मंडवा निवासी बावली अपनी पत्नी रोशनी, बेटी शाहिदा और धेवते शोएब (5) वर्ष सवार हुए। बताया कि ट्रेन में जहरखुरानी गिरोह ने उनसे मीठी-मीठी बातें बनाई और उनको एक-एक केला खिला दिया।
केला खाने के कुछ समय बाद उन्हें चक्कर आने लगे और वे बेहोश हो गए। इसके बाद बदमाशों ने रोशनी और शाहिदा के कानों के कुंडल, गले का सेट और नगदी लूट ली। कालू को जब बड़ौत के नजदीक होश आया तो उसने डिब्बे में सवार यात्रियों की मदद से बेहोश पड़े परिवार के लोगों को बड़ौत रेलवे स्टेशन पर उतारा और इसकी सूचना जीआरपी को दी।
जीआरपी पुलिस ने घंटो तक उनका इलाज नहीं कराया जबकि शोएब की हालत गंभीर होने पर उसे एक निजी अस्पताल ले गए। बाद में जब लोगों ने हंगामा किया तो जीआरपी दोनों महिलाओं को निजी अस्पताल लेकर पहुंची।
जीआरपी थानाध्यक्ष सुनील दत्त ने बताया कि उनके साथ यह घटना सहारनपुर में हुई है, इसकी सूचना सहारनपुर पुलिस को दे दी गई है, और वहां की पुलिस यहां आ रही है।