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बड़ौत में हाईवे पर इंस्पेक्टर के भाई की हत्या, भतीजा घायल

Wed, 07 Jun 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
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बड़ौत। बागपत कोर्ट से मुकदमे की पैरवी कर घर लौट रहे शामली के दो हत्यारोपियों पर हमलावरों ने खेड़की के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इससे इंस्पेक्टर के छोटे भाई रविंद्र की मौके पर मौत हो गई, जबकि भजीते घायल सन्नी मलिक ने भागकर जान बचाई। रविंद्र की मौत के बाद भी हमलावरों ने उस पर हेलमेट से वार भी किए। तीनों हमलावर बाइक पर सवार होकर भाग गए। पुलिस ने घायल सन्नी को सीएचसी में भर्ती कराया। वारदात के तार बिनौली के मनोज हत्याकांड से जोड़े जा रहे हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 
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शामली के गांव बरला जट निवासी रविंद्र (45) पुत्र दरियाव सिंह अपने साथी सन्नी मलिक (26) पुत्र सहदेव के साथ मंगलवार को मुकदमे की पैरवी के लिए बागपत कोर्ट आए थे।  दोपहर करीब 12 बजे दोनों बाइक पर सवार होकर दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे से अपने घर लौट रहे थे। जब वह खेड़की और ट्यौढ़ी गांव के बीच ईंट भट्ठे के पास पहुंचे, तभी पीछे से  बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश हमलावरों ने पहले उनकी बाइक में लात मारी। इससे रविंद्र की बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क पर फिसलकर  गिर गई। बाइक गिरते ही हमलावरों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी।

रविंद्र का पैर बाइक में फंसने के कारण वह खड़ा नहीं हो सका, जबकि सन्नी के कंधे में गोली लगी और वह ज्वार के खेत से भाग गया। हमलावरों ने रविंद्र पर  ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे आसपास के खेतों और ईंट भट्ठे पर काम कर रहे लोगों में दहशत फैल गई। हमलावरों ने यहां करीब 12 राउंड फायरिंग की। वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना से हाईवे पर जाम लग गया। किसी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने घायल सन्नी को बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया।
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सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह और सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने मौका मुआयना कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मौके से छह कारतूस के खोखे, एक चप्पल और अन्य सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार सन्नी ने एक हमलावर को पहचान लिया है। सीओ ने कहा सन्नी ने बताया बिनौली में पांच साल पहले मनोज की हत्या की थी। मंगलवार को मनोज के बड़े भाई बिनेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर रविंद्र की हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।

मनोज की हत्या में आरोपी था रविंद्र

बड़ौत। बिनौली के मनोज की वर्ष 2012 में हत्या की थी। मृतक के परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें रविंद्र और सन्नी के अलावा शामली के खेड़ी निवासी गुड्डू और पिंटू शामिल हैं। इसी केस का कोर्ट में ट्रायल पर चल रहा है। जमानत के बाद रविंद्र और सन्नी मुकदमे की पैरवी करने के लिए बागपत आए थे।

दुश्मनी में बदल गया था याराना

बड़ौत। बिनौली गांव के मनोज की रविंद्र से पिछले काफी लंबे समय से दोस्ती थी। इन दोनों ने मिलकर बिनौली में सबमर्सिबल के सामान की दुकान की थी। कुछ समय बाद रविंद्र ने बड़ौत में अपनी अलग दुकान कर ली थी। इनका किसी बात पर मनमुटाव हो गया था। जो एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हो गए थे। वर्ष 2012 में मनोज अचानक लापता हो गया था। उसका शव बड़ौत में मिला था। मृतक के परिजनों ने रविंद्र और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

बिनौली में मनोज के घर लटका ताला

बड़ौत। वारदात के थोड़ी देर बाद ही मनोज के मकान पर ताला लटक गया। परिवार के लोग वहां से इधर-उधर हो गए। पुलिस ने मनोज के घर में दबिश दी, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। सीओ ने कहा अभी तहरीर नहीं मिली है, लेकिन संदिग्धों की तलाश की जा रही है। सहदेव के अनुसार मनोज की पांच साल पहले हुई हत्या में सन्नी और रविंद्र को नामजद कराया था। जो पूरी तरह से नामजदगी फर्जी थी। मनोज के परिवार का एक रिश्तेदार एक पार्टी का बड़ा नेता है। वे इस केस में समझौते के प्रयास में थे।
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