बड़ौत। पचास हजार का इनाम कुख्यात मोनू जाट के हरियाणा में पकड़े जाने के बाद पूछताछ में खुलासा किया कस्बा टीकरी में दो लोगों की हत्या के बाद वह गुराना गांव में पूर्व प्रधान के यहां रुका था और उसका पहले भी यहां आना जाना था। इसको लेकर क्राइम ब्रांच के सीओ और बड़ौत सीओ ने पुलिस बल के साथ गुराना में कपिल के घर दबिश दी, लेकिन कुछ नहीं हाथ लगा है। अब पुलिस उसे पकड़ने में जुटी है।
रंगदारी और हत्या के मामले में आतंक का पर्याय बन चुका रोहटा निवासी मोनू जाट उर्फ रोहित को शुक्रवार की रात सोनीपत की क्राइम ब्रांच और एसआईटी की टीम ने गिरफ्तार किया। पकड़े जाने के बाद उसने बताया कस्बा टीकरी में किसान लाल बहादुर और विवेक की हत्या के बाद वह गुराना के पूर्व प्रधान कपिल के यहां रुका था। यह पता लगने पर क्राइम ब्रांच सीओ ैर बड़ौत सीओ, थानाध्यक्ष बिनौली, बड़ौत, छपरौली, व भारी पुलिस बल के साथ गुराना गांव में पूर्व प्रधान कपिल के मकान को घेरकर तलाशी ली, लेकिन वह नहीं मिला।
अब पुलिस पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी के लिए प्रयास में जुटी है। शनिवार की दोपहर भारी पुलिस बल के साथ जब गुराना गांव में दबिश देने पुलिस गई तो गांव में लोगों में दहशत फैल गई ओर लोग घरों में दुबक गये। सीओ क्राइम से बात की गई तो वे हरियाणा के सोनीपत में पकड़े मोनू जाट से पूछताछ करने में जुटे हैं और देर शाम तक उससे पूछताछ कर रहे। उन्होंने बताया पूछताछ के बाद ओर भी तथ्य प्रकाश में आएंगे। इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।