बागपत के शेरपुर लुहारा गांव के दो सगे भाई पप्पू और विकास की अपहरण के बाद गर्दन काटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई कर दी है। इसमें हिस्ट्रीशीटर अमरपाल भी शामिल है। इस मामले में गुराना प्रधान समेत दो आरोपियों को पुलिस पहले ही क्लीनचिट दे चुकी है।
शेरपुर लुहारा गांव के पप्पू को 15 जुलाई 2015 को फोन करके घर से बुलाया गया था। आरोप है कि उसके भाई विकास को गांव के हिस्ट्रीशीटर अमरपाल ने पहले ही अपने कब्जे में ले रखा था। दो दिन बाद दोनों की गर्दन कटी लाश बदरखा गांव के खादर में यमुना किनारे पड़ी मिली थी।
परिजनों ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू, वीरसेन, सुरेश, नरेश, धर्मदत्त और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 21 जुलाई को आरोपी अमरपाल को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया था। बताया था कि अमरपाल ने अपने 12 साथियों के सहयोग से विकास और पप्पू का अपहरण कर हत्या की है।
उसने गुराना गांव के प्रधान कपिल और जिवाना के राजीव का नाम भी लिया था, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में उन दोनों को क्लीनचिट दे दी है। अब पुलिस ने जेल में बंद सात आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है।
एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि आरोपी अमरपाल उर्फ कालू उसके भाई सुरेश, नरेश के अलावा वीरसेन, अरविंद, शास्त्री उर्फ धर्मदत्त, मेरठ के सरूरपुर गांव के नीटू के खिलाफ 2/3 गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की गई है।
ये है नामजद आरोपी
हिस्ट्रीशीटर कालू उर्फ अमरपाल
सुरेश (कालू का भाई)
नरेश (कालू का भाई)
धर्मदत्त उर्फ शास्त्री
अरविंद
वीरसेन
(चारों आरोपी शेरपुर लुहारा गांव के है)।
कालू ने बताए थे घटना में शामिल साथियों के नाम
कपिल : गुराना ग्राम प्रधान,
राजीव : जिवाना
पुष्पेंद्र : गांव भौराकलां (मुजफ्फरनगर)
संजीव उर्फ पकौड़ी : सरूरपुर (मेरठ)
नीटू उर्फ घसीटा : सरूरपुर (मेरठ)
मुशर्रफ उर्फ धन्ना: सिलाना
एक अज्ञात