बागपत के अमीनगर सराय के लुहारा गांव में पुलिस ने दबिश देकर फर्जी पहचान-पत्र बनाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से करीब 150 फर्जी प्रमाणपत्र, 400 अधूरी आईडी के अलावा गांव की दो वोटर लिस्ट, लैपटॉप, प्रिंटर, स्केनर और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस का दावा है कि इन फर्जी पहचान-पत्रों का इस्तेमाल पंचायत चुनाव में किया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि फर्जी आईडी के आधार पर सैकड़ों लोग विदेशों में भी जा चुके हैं। फिलहाल आरोपी गांव के प्रधान पद के प्रत्याशी जाबिर अली के कहने पर इस काम को कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों में लुहारा गांव के मोनू पुत्र मीलुद्दीन, कर्ण सिंह पुत्र वीर सिंह, अहमद पुत्र मुनीर और एक नाबालिग शामिल है। इस संबंध में सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के दौरान सूचना मिली कि लुहारा गांव में फर्जी आईडी बनाने का काम किया जा रहा है।
सूचना पर जोनल मजिस्ट्रेट जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश के साथ मिलकर लुहारा गांव के मीलुद्दीन के मकान में दोपहर करीब ढाई बजे दबिश दी गई। इस दौरान मौके पर चार लड़के एक कमरे में फर्जी पहचान पत्र बनाते हुए पकड़े गए। इनमें मीलुद्दीन का बेटा मोनू भी शामिल है। उनके पास से भारी संख्या में बने और अधूरे फर्जी प्रमाण पत्र बरामद हुए। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वे प्रधान पद के प्रत्याशी जाबिर अली के कहने पर इस काम को कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपी मोनू और कर्ण सिंह ने बताया कि प्रधानी के दावेदार जाबिर अली द्वारा उनसे फर्जी आईडी बनवाई जा रही थी। उसके कहने पर ही वे फर्जी पहचान पत्र बना रहे थे।