किताबों वाली गली में शुक्रवार की सुबह दुकानों में आग लगने से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चार दुकानें जलकर राख हो गई। आग का कारण शार्ट सर्किट और करीब 95 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है।
मेन बाजार स्थित किताबों वाली गली में वीरेंद्र जैन पिंटी की वीके पुस्तक सदन से सुबह करीब सात बजेे कुछ लोगों ने धुआं उठता देखा। इतना कोई कुछ समझ पाता, दुकान में आग की लपटें उठनी शुरू हो गई। धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया। आसपास के लोगों और दुकानदारों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
मगर, आग ने धीरे-धीरे बराबर की तीन दुकानों को भी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे तक मशक्कत कर किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक किताबों की चार दुकानें जलकर राख हो गई थी।
आग से वीके पुस्तक सदन का 30 लाख रुपय, राजेश जैन की राजहंस ट्रेडर्स में 15 लाख रुपये, पुनीत जैन की विशाल बुक डिपो में 25 लाख रुपये, अमित जैन की वर्धमान स्टेशनरी में 15 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है। दुकानों में किताबें और स्टेशनरी का सामान भरा हुआ था।
आग का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन केपी मलिक ने किताबों वाली गली में पहुंचकर दुकानदारों को भरोसा दिया कि हरसंभव मदद की जाएगी। इस दौरान क्षेत्र में अफरा तफरी मची रही।