बागपत। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट लक्की सिंह और बाल संरक्षण अधिकारी को निरीक्षण के समय जेल में आठ किशोर मिले थे। मजिस्ट्रेट के आदेश पर उनको वहां से बाल संप्रेक्षण गृह मेरठ में शिफ्ट कर दिया। मजिस्ट्रेट लक्की सिंह और बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया।
इस दौरान वहां आठ किशोर मिले। मेडिकल अधिकारी से उनकी आयु के बारे में जानकारी की तो पता चला था एक किशोर 14 साल और अन्य किशोर 16-17 साल के हैं। मजिस्ट्रेट ने जेल प्रशासन ने पूछताछ की कि किशोरों को बाल संप्रेक्षण गृह के बजाए यहां कैसे आया गया। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा और किशोरों को तत्काल संप्रेक्षण गृह भेजवाने के आदेश दिए। इस पर जेल प्रशासन हरकत में आ गया। जेलर बीएन मिश्रा ने कहा किशोरों को शनिवार को बाल संप्रेक्षण गृह मेरठ में शिफ्ट करा दिया है ।
आखिर कहां रह गया किशोरों का ब्योरा
किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट लक्की सिंह ने किशोरों से संबंधित ब्योरा बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि के कार्यालय में भेजवाने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक उनके दफ्तर में ब्योरा नहीं पहुंचा। जेलर बीएन मिश्रा ने कहा किशोरों का ब्योरा भेजवा दिया गया है।
जबकि दीपांजलिने कहा उनके दफ्तर में इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं आए हैं।