चेयरपर्सन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र धामा और उनके साथी बाशिद की हत्या के मुख्य आरोपी कर्मवीर और उसका भाई सहदेव पुलिस के सामने से फरार हो गए। पुलिस ने उनको पकड़ने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने हत्यारोपी के मकान से डबल बैरल बंदूक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस को मंगलवार की रात में डबल मर्डर के आरोपी कर्मवीर और सहदेव के घर में होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही खेकड़ा थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपी पुलिस को देखकर अपने असलाह छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने उनको पकड़ने का काफी प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम को सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने उनके मकान की तलाशी ली तो वहां से एक डबल बैरल गन, 12 बोर के 55 कारतूस , 12 बोर कारतूस के 16 खोखे , 315 बोर के 36 कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अवैध असलाह रखने के आरोप में भी दूसरा मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव ने गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बसी, सूप, किरठल, ककड़ीपुर समेत कई गांवों में दबिश दी।
खून-खराबा करने का तो नहीं था इरादा ः जिस तरह से असलाह बरामद हुए हैं। इससे पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी कहीं किसी वारदात की फिराक में तो नहीं थे। उनके पास असलाह और इतने कारतूस कहां से आए है। इससे पुलिस की टेंशन ओर बढ़ गई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी को अफसरों से मिले परिजन ः दोहरे हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तार न होने से परिजन आहत है। बुधवार को मृतक पुष्पेंद्र के बड़े भाई डॉ. सुरेंद्र धामा समेत अन्य लोग एसपी दफ्तर में पहुंचे। वहां पर उनकी एसपी से मुलाकात नहीं हो गई। इसके बाद उन्होंने खेकड़ा थाने में अपनी जान का खतरा जताकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव ने उन्हें जल्द पकड़े का भरोसा दिया।
रमाला क्षेत्र के एक अपराधी पर भी घूम रही शक की सुई ः दोहरे हत्याकांड में पुलिस सूत्रों की माने तो रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव के अपराधी पर भी पुलिस के शक की सुई घूम रही है। अपराधी, आरोपी कर्मवीर का दोस्त बताया जाता है। पुलिस ने कर्मवीर और उन अपराधी की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है। हालांकि पुलिस अफसर पूरी कार्रवाई गोपनीय रूप से कर रहे हैं।