असारा गांव में हमले के केस के गवाह यामीन पर बृहस्पतिवार पर जान से मारने की नीयत से हमला किया गया। उसे तमंचे की बटों से पीटकर अधमरा कर दिया। घटना की पुलिस से शिकायत की गई।
असारा निवासी यामीन का कहना है कि उसके भतीजे इमरान पर पड़ोस के एक परिवार के लोगों ने करीब पांच साल पूर्व हमला कर दिया था। इमरान गंभीर रुप से घायल हो गया था। यह केस कोर्ट में विचाराधीन है। आरोपी लगातार केस में समझौते का दबाव बना रहे है। आरोपी कई बार मारपीट कर चुके है। वह बृहस्पतिवार रात अपने परिवार के साथ मकान में बैठा हुआ था। तभी विपक्ष के कुछ लोग हाथों में हथियार लेकर आए।
तमंचे की बटों से पीटकर अधमरा कर दिया। बचाव में आई उसकी पत्नी की बुरी तरह से पिटाई की। बेटे आस मोहम्मद ने किसी तरह अपनी जान बचाई। शोरशराबा होने पर मोहल्ले के काफी लोग इकट्ठे हो गए।
आरोपी उनको देख जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। परिजनों ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया तथा घटना की पुलिस से शिकायत की। बता दें कि इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में गवाहों की जान खतरे में पड़ चुकी है।
पिता की हत्या के गवाह बेटे पर हुआ हमला
बागपत। दोघट क्षेत्र के निरपुड़ा गांव के किसान ब्रजपाल की हत्या के मामले में उनका बेटा निश्चय राणा केस का गवाह है। आरोपी उस पर केस में फैसला करने का दबाव बना रहे है। उस पर गवाही के लिए कोर्ट जाते समय आरोपी हमला भी कर चुके हंै।