पाबला गांव में एफएसओ को घटना की जानकारी देते लोग
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बागपत। पाबला बेगमाबाद गांव में शॉट सर्किट से कामधेनु डेयरी में आग लग गई। इससे 30 मवेशी झुलसे। पशुओं के बचाव में दो लोग भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। देरी से दमकल विभाग की टीम के पहुंचने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। नाराज लोगों ने तहसील प्रशासन के अफसरों से क्षति पूर्ति का मुआवजा दिलाने की मांग की।
पाबला बेगमाबाद गांव निवासी प्रधान ब्रहम पाल सिंह की गांव में ही डेयरी है। मंगलवार को शाम के समय शॉट सर्किट से डेयरी में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। भैंसों को बचाने की कोशिश कर रहे सुग्रीव और विनोद भी आग की चपेट में आने से झुलस गए। सूचना देने के काफी देरी से पहुंची दमकल विभाग की टीम ने किसी तरह आग पर काफी पाया, लेकिन तब तक 30 मवेशी झुलस चुके थे।
ग्रामीणों के सूचना देने के बाद भी अफसर के न पहुंचे पर लोगों ने हंगामा किया। सूचना मिलने पर भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा मौके पर पर पहुंचे। बाद में तहसील प्रशासन और पशुपालन विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने पशुओं का उपचार किया। उस समय तक एक भैंस दम तोड़ चुकी थी। लोगों ने अफसरों से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पशुओं का इलाज कराया।
ट्रैक्टर भी आग से जला
बागपत। डेयरी में खड़ा ट्रैक्टर भी आग की चपेट में आ गए। इससे वह काफी जल गया। लोगों ने किसी तरह उसमें लगी आग बुझाई।