बागपत में मुजफ्फरनगर के नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की हत्या के मामले में पकड़े गए तौहीद ने सनसनीखेज खुलासा किया है। तौहीद ने कहा कि यदि वह हत्यारोपी मुसाहिद को न मारता, तो वह उसके दोस्त कासिम की हत्या कर देता। इसलिए मुसाहिद को ठिकाने लगा दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी तौहीद ने बताया कि मेरठ के पिटलोखर निवासी कासिम से उसकी बचपन की दोस्ती है। कासिम की नंगला रियावली के अली मोहम्मद के परिवार से रंजिश चली आ रही है। अली मोहम्मद के परिवार के कई लोग मुजफ्फरनगर जेल में बंद है।
उनके इशारों पर मुसाहिद घटना को अंजाम देता था। मुसाहिद उनके कहने पर ही कासिम की हत्या करने के फिराक में था। तौहीद का कहना है कि मुसाहिद ने चार दिन पूर्व उसे लालच दिया था कि एक लाख रुपये लेकर कासिम को उसे दे दे। यह बात उसने अपने दोस्त कासिम को बता दी थी।
उसे डर था कि मुसाहिद किसी अन्य लोगों के साथ कासिम का सौदा कर सकता है, तभी से उसने मुसाहिद को ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली थी। 15 सितंबर को कासिम को देने के बहाने से मुसाहिद को निवाड़ा गांव में बुलवा लिया था। बुधवार शाम मुसाहिद को पहले खाने में नींद की गोली दी।
देर रात उसके कहने पर उसका साला मनव्वर, अपने साथी नासिर, खालिद उर्फ सोनू और एक अन्य के साथ मिलकर मुसाहिद को सिसाना गांव के यमुना खादर में ले गया। वहां पर उन्होंने मुसाहिद के एक-एक टुकड़े करके यमुना में बहा दिए। तौहीद का कहना है कि उसने मुसाहिद की हत्या नहीं की, लेकिन उसे मारते हुए जरूर देखा है।
पहले गला दबाकर की थी हत्या
बागपत। तौहीद का कहना है कि जिस समय नौशाद के घर से मुसाहिद को उसके साथी ले गए, उस समय वह होश में आ गया था। उसने विरोध भी किया था। शोरशराबा होने पर पड़ोस के लोग जाग गए थे। इस पर उसके साथी मुसाहिद को कंधे पर डालकर ले गए थे।
इस दौरान मुसाहिद ने उनके साथ हाथापाई भी की थी। उसी समय कपड़े से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। बाद में यमुना पर ले जाकर उसके टुकड़े किए गए, जबकि पुलिस का कहना है कि यमुना पर ही मुसाहिद को मारा गया है।
पहचान छुपाने को मुसाहिद के किए थे टुकड़े
बागपत। तौहीद का कहना है कि पहचान छुपाने के लिए मुसाहिद के टुकड़े कर यमुना में बहाए। उसने पहले ही वारदात को अंजाम देने के लिए साजिश रची थी।