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चुनाव में रोड़ा बनने पर की थी हत्या

Sun, 30 Aug 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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तिहाड़ जेल से रिमांड पर लाये गये रटौल के चर्चित काजी अफसार हत्याकांड के आरोपी जावेद ने खेकड़ा पुलिस पूछताछ में बताया कि वह गांव में प्रधान पद का चुनाव लड़ना चाहता है। काजी अफसार की छवि चुनाव के लिये अच्छी बनती जा रही थी। इसी कारण उसने साथियों संग मिलकर काजी अफसार की हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे बरामद किए।
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दस अप्रैल को ग्राम रटौल निवासी काजी अफसार की सरेशाम गोलियो से भूनकर हत्या कर दी गयी थी। जिसमें पुलिस जांच के दौरान रटौल के ही जावेद का नाम सामने आया था। करीब डेढ़ माह पूर्व दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। वह तिहाड़  जेल में बंद था। शुक्रवार की देर शाम थाना पुलिस जावेद को काजी अफसार हत्याकांड के मामले में पूछताछ के लिये रिमांड पर लेकर आयी।

 थानाध्यक्ष सुबोध यादव ने  बताया कि जावेद रटौल में प्रधान पद का चुनाव लड़ना चाहता था। इसकी तैयारियों में वह लगा हुआ था। साथ ही काजी अफसार भी प्रधान पद का भावी प्रत्याशी था। जो समाज हित मे अधिक कार्य कराने के कारण अपनी पकड़ मजबूत बनाता जा रहा था।
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इससे जावेद अत्यधिक परेशान हो गया था और उसने अपने चारों साथियों के साथ मिलकर काजी अफसार को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। जावेद ने बताया कि काजी अफसार की हत्या करने के लिये रुपयों का कोई लेन देन नहीं हुआ। उसने अपने साथी हसमत, भोलू, नोमान, दीनू आदि के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी और दस अप्रैल की शाम को अफसार की हत्या कर दी।

उसने बताया कि वह अब अपराध को छोड़ बच्चों के साथ रहना चाहता है। पुलिस ने जावेद की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे गांव के समीप झाड़ियों से बरामद किए। साथ ही उसने कहा कि मुबस्सिर और मोईदीन ने उसे अपराध की दुनिया में पहुंचाया। बाद में उसने खेत में पानी चलाने को लेकर हुए विवाद में मोईदीन की भी हत्या कर दी थी। शनिवार शाम को पुलिस पूछताछ के बाद जावेद को तिहाड जेल वापस छोड़ आई।
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