अमीनगर सराय। सिंघावली अहीर गांव में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाने गई बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों को लड़की के परिजनों ने खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा लड़की हमारी है, जब चाहेंगे उसकी शादी करेंगे। टीम के पदाधिकारियों ने समझा-बुझाकर उनको शांत किया। बाद में वे बालिग होने पर लड़की की शादी करने पर तैयार हो गए। उन्होंने टीम को लिखकर भी दिया।
सिंघावली अहीर गांव में 11वीं की छात्रा की परिजन शादी कर रहे थे। एक मार्च की विवाह की तिथि नियत हो गई है। लड़की नाबालिग होने के कारण किसी ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों के निर्देश पर बाल संरक्षण विभाग की महिला अधिकारी दीपांजलि और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव यादव और सदस्य कुलदीप पुलिस टीम के साथ लड़की के घर में पहुंचे। लकड़ी के परिजनों से शादी के बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया हां लड़की की शादी कर रहे हैं।
लड़की की जन्म तिथि 9 जुलाई 2000 है। टीम के पदाधिकारियों ने उसको नाबालिग बताया तो परिजनों ने कहा वह अपनी लड़की की शादी जब और जहां चाहेंगे करेंगे। इसको लेकर उनकी काफी कहासुनी हुई। टीम ने सख्त हिदायत दी यदि लड़की का विवाह किया तो कानूनी कार्रवाई होगी। परिजनों ने बाद में लिखकर दे दिया कि बालिग होने के बाद ही लड़की की शादी की जाएगी।