देशभक्त सेना ट्रस्ट के चेयरमैन एवं समाजसेवी मनोज वशिष्ठ के कथित एनकाउंटर को दो साल हो गए। सीबीआई अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
दिल्ली के राजेंद्र नगर के रत्ना सागर रेस्टोरेंट में मनोज वशिष्ठ को 16 मई 2015 की रात में करीब साढ़े आठ बजे गोली मारी थी। दिल्ली पुलिस के अफसरों ने उनके एनकाउंटर का दावा किया था। जबकि मृतक के परिजनों का कहना है कि उनकी साजिश के तहत हत्या की गई है। इसको लेकर भारी हंगामा हुआ था।
दिल्ली की स्पेशल सैल के तत्कालीन इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, एसआई विवेक सिंह, एसआई भूप सिंह, हेडकांस्टेबल संजय पाल सिंह, हेडकांस्टेबल अनिल राव, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, अब्दुल अहमद खान, मोहित साल्वे और मुनीश सोलंकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
सीबीआई जांच चल रही है। दो साल बीत गए, लेकिन कोई नजीता नहीं निकला। मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ ने कहा सीबीआई के अफसर हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दे देते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।