बागपत के पुराना कस्बा में ऊंट कटान करते हुए पकड़े गए दो आरोपियों ने शनिवार को जेल जाने से पूर्व अपने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल सात आरोपियों के नाम पता चल गए है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 28 अक्तूबर की रात छापा मारकर ऊंट काटते हुए पुराना कस्बा के हाजी इरफान पठान के बेटे राशिद और काले उर्फ गंजा के बेटा आमिर पकड़ा लिया था, जबकि उनके 13 साथी भागने में कामयाब हो गए थे।
कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि पूछताछ करने के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथी बिल्लू पुत्र इरशाद, सज्जू पुत्र शौकत, रियासत पुत्र लियाकत, इकराम उर्फ मोटा पुत्र फजलू, जब्बार पुत्र गुलजार, मोबीन पुत्र पप्पू , खलील कुरैशी और 4-5 अन्य के साथ राजस्थान से ऊंट लाकर बागपत में काटते है। उसके बाद मांस को गाजियाबाद या अन्य जगह बेच आते है।
एक ऊंट पर 10 हजार रुपये का मुनाफा
बागपत। आरोपी राशिद पठान का कहना है कि वे ऊंट को राजस्थान से पैदल लेकर आते है। हरियाणा से बागपत में यमुना के रास्ते आते है। ताकि पुलिस उन्हें न पकड़ पाए। एक ऊंट 16-17 हजार रुपये में आता है। उसका मांस 26-27 हजार रुपये बिकता है। एक ऊंट पर 10 हजार रुपये का मुनाफा हो जाता है।
आरोपियों की हिमायत में उतरे सपा नेता
बागपत। आरोपी राशिद पठान और आमिर की हिमायत में सपा नेता शकील अहमद के नेतृत्व में सैकड़ों लोग शनिवार को एसपी से मिले। उनका कहना है कि राशिद पठान और आमिर ऊंट कटान करने में शामिल नहीं रहे हैं। उनका परिवार तो ऊंट कटान का विरोध करता है।
बागपत कोतवाली पुलिस और ऊंट कटान करने वालों ने उसके बेटे और रिश्तेदार को केस में साजिश के तहत फंसाया है। पुलिस उन्हें कोतवाली में यातनाएं दे रही है। उन्होंने एसपी से केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मौके पर राशिद, मेहरबान, जमशेद, बुंदू खां, इकबाल, डब्बू सिद्दीकी, आस मोहम्मद, वसीम मौजूद रहे।