बड़ौत की रामबाग कॉलोनी की गीता तोमर की हत्या उसके पति बीएसएफ के जवान ने ही अपने साथी के साथ मिलकर की थी। गीता पर अलग-अलग कमेटियों के करीब 80 लाख रुपये का कर्ज था। पति को शक था कि गीता प्लाट और मकान बेचकर कर्ज चुकाने की फिराक में है।
गला दबाकर हत्या के बाद शव को मांगरौली गांव के जंगल में फेंका था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विकास तोमर बामनौली गांव में ग्राम प्रधान का चुनाव भी लड़ चुका है।
सोमवार को एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि मूल रूप से बामनौली गांव निवासी और इन दिनों बड़ौत में रह रही गीता की हत्या के मामले में शामली के पिंडौरा गांव निवासी बीएसएफ के जवान और उसके पति विपेंद्र खाटियान और गीता के गांव बामनौली निवासी विकास तोमर को गिरफ्तार किया ।
पुलिस ने बताया कि गीता तोमर बड़ौत में कमेटी का संचालन करती थी। उसके इस काम में विकास तोमर भी शामिल रहता था। कमेटी के रुपये के लेनदेन में उस पर करीब 80 लाख रुपये का कर्ज हो गया था, जो गीता चुका नहीं पा रही थी।
12 जनवरी को विपेंद्र अपने घर आया तो गीता ने उस पर अपनी नौकरी पर लोन लेने का दबाव बनाया । विपेंद्र इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसे लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई थी। विपेंद्र को शक हो गया था कि गीता कर्ज चुकाने के लिए मकान और प्लाट बेच सकती है।
ड्यूटी पर वापस लौटकर विपेंद्र ने विकास के साथ मिलकर गीता की हत्या करने का प्लान बनाया। 17 जनवरी की रात में कार में मिल कर दुपट्टे से गला दबाकर गीता की हत्या कर दी और लाश को रंछाड-मांगरौली गांव के जंगल में फेंक दिया था।
विपेंद्र बीएसएफ में सिपाही के पद पर चंडीगढ़ में मुख्यालय में तैनात है। वह दिल्ली गृह मंत्रालय में सरकारी काम के लिए चला। योजना थी बीच रास्ते में हत्या की वारदात को अंजाम देकर वह वापस लौट जाएगा और किसी को भनक तक नहीं लगेगी।
एसपी जय प्रकाश का कहना है कि इस संबंध में बीएसएफ के अफसरों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उधर, गीता तोमर की हत्या की सूचना पर उनके घर में कोहराम मच गया। उसकी बहन बबीता तोमर और सुनीता, मां कमलेश, बेटा वीशू और बेटी वैशाली का रोते रोते बुरा हाल था।
इस तरह अंजाम दी वारदात
बड़ौत। 17 जनवरी की रात में करीब नौ बजे गीता तोमर आरोपी विकास तोमर के साथ कार में अपने पति को लेने के लिए सोनीपत पहुंची। विपेंद्र उनके साथ कार में सवार होकर बड़ौत के लिए चल दिया। रास्ते में उन्हें गीता को मारने का मौका नहीं मिला।
बड़ौत पहुंचते ही विपेंद्र ने बहाना बनाकर पहले मेरठ चलने के लिए कहा। ना-नुकूर करने के बाद गीता तैयार हो गई। बड़ौत-बिनौली मार्ग पर रास्ते में चलती कार से दुपट्टे से गला दबाकर दिपेंद्र ने गीता की हत्या कर दी ।
बाद में शव को मांगरौली गांव के जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी विकास तोमर की निशानदेही पर ही गीता तोमर का शव बरामद किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।