बागपत में सिरसली गांव के फायरमैन भूपेंद्र तोमर की 27 सितंबर को मकान के पास ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजनों ने गांव के ही सतेंद्र तोमर, उसके परिजनों और साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी सतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपी फरार चल रहे है। रविवार रात पुलिस ने जिवानी गेट के पास से फरार चल रहे दो हजार रुपये के इनामी सुबोध उर्फ काला निवासी जिवानी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने बताया कि सुबोध ने सतेंद्र के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। उसको कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है। उधर आरोपी सुबोध ने मीडियाकर्मियों को बताया कि उसने उत्तराखंड के कुल्लू मनाली में फैक्ट्री लगा रखी है। वह वहां पर ही रहता है। उसे भूपेंद्र की हत्या के केस में साजिश के तहत फंसाया गया है। इसका पता चलने के बाद वह खुद ही थाने में पहुंचा है। उसने कहा कि प्रमोद गांगनौली से उसकी जान पहचान थी। उसके साथ किसी भी घटना में साथ नहीं रहा है। वहीं सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया कि सुबोध उर्फ काला, प्रमोद गांगनौली गैंग का सदस्य है। वह प्रमोद का बेहद करीबी था। उसकी हत्या होने के बाद अजित उर्फ हप्पू के साथ रहा।