बागपत के सांकरौद गांव के खाप पंचायत के बहु चर्चित मामले में दलित परिवार पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है। लोगों के मुताबिक दलित परिवार न केवल समझौता चाहता है, बल्कि अपनी गलती मानने को भी तैयार है। हालांकि युवती फिलहाल समझौते के लिए तैयार नहीं है।
युवती के परिवार के बेहद करीबी चौधरी वेदपाल सिंह का कहना है कि दलित परिवार का मुखिया धर्मपाल सिंह और उसका बेटा दिल्ली पुलिस का सिपाही सुमित उनके पास पहुंचे और बोले कि वे इस मामले में समझौता चाहते हैं। वे अपनी गलती मानने को भी तैयार है।
वेदपाल के मुताबिक धर्मपाल ने कहा कि उनकी वजह से एक परिवार ही नहीं पूरा गांव बदनाम हुआ है। इसके लिए वे बेहद शर्मिंदा है। हालांकि इससे पहले धर्मपाल पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचकर कह चुका है कि वे इस मामले में समझौता करने के लिए तैयार है।
वेदपाल का कहना है कि वे गांव में शांति चाहते हैं। दलित परिवार समझौता का प्रयास कर रहा है। युवती के परिवार को भी समझाया जाएगा। हालांकि युवती फिलहाल समझौते के लिए तैयार नहीं है। इस बारे में धर्मपाल और उसके बेटे सुमित से फोन पर संपर्क करने का काफी प्रयास किया गया। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
कोर्ट में नहीं हुए युवती के बयान
बागपत। खेकड़ा थाना प्रभारी सुबोध यादव का कहना है कि युवती को शुक्रवार को अचानक कहीं जाना पड़ गया था। इसके चलते उसके कोर्ट में बयान नहीं हो पाए है। उनका कहना है कि युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।