वैन लूट के विरोध पर की गई चालक अनिल की हत्या लुटेरे मुनाजिर गैंग ने ही की थी। कमाला गांव में सोमवार शाम मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए अब्दुल करीम ने इसका खुलासा किया है। मृतक के बेटे विक्की उर्फ विकास ने भी इसकी पहचान कर ली है। सिंघावली अहीर गांव के फार्म हाउस मालिक सतवीर की हत्या भी इसी गैंग ने की थी। वर्तमान में यह गैंग मेरठ और बागपत में सक्रियता बढ़ा रहा है।
सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव के मुताबिक पूछताछ के दौरान अब्दुल करीम ने बताया कि 24 अक्तूबर को उसने अपने साथी तिलपनी निवासी आरिफ, अमीनगर सराय कस्बा के भूरा और मेरठ के पावली के बबलू (गैंग लीडर मुनाजिर का साला) के साथ दिल्ली के बदरपुर से ट्रेन से टटीरी आए थे। वहां से वैन में लिफ्ट लेकर हिसावदा मोड़ पर जा रहे थे। पीछे से एक स्कार्पियो गाड़ी आती हुई दिखाई दी।
उन्होंने उसे लूटने के इरादे से अनिल से वैन छीनने का प्रयास किया। उसने विरोध किया तो उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी थी। गैस खत्म होने पर खैला गांव में वैन छोड़कर खेतों के रास्ते खेकड़ा होते हुए वापस दिल्ली चले गए थे। अनिल के बेटे विकास ने अब्दुल करीम की पहचान कर ली है। एसओ का कहना है कि अब्दुल करीम ने बताया कि उसके साथी आरिफ ने डेढ़ माह पूर्व सफेद अपाचे बाइक से लूट का विरोध करने पर सिंघावली अहीर के सतवीर की हत्या की थी। इसके अलावा मेरठ के सरधना क्षेत्र और बागपत जनपद में लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। ग्वालीखेड़ा के पास चार तीन दिन पूर्व राहगीरों से लूटपाट भी इन्हीं बदमाशों ने की थी।
सिपाही को धमकी देकर भागा था अब्दुल
बागपत। पुलिस के मुताबिक दशहरा पर्व पर अमीनगर सराय में खिंदौड़ा मोड़ पर दो पुलिस कर्मी चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान अब्दुल करीम अपने साथी के साथ वहां पर पहुंचा। पुलिस के रोकने के बावजूद उसने अपनी बाइक नहीं रोकी। पीछा करने पर वह सिपाही को धमकी देता हुआ अपनी बाइक छोड़कर भाग गया था।
ईद पर जेल से छूटा था अब्दुल
बागपत। पकड़ा गया अब्दुल करीम पिछले कई माह से लूट के विभिन्न केसों में मेरठ जेल में बंद था। सितंबर माह में बकरीद पर वह जमानत पर जेल से छूटा था।