बागपत। ककौर गांव के जंगल में खटके में पकड़े गए तेंदुए की वन विभाग की सुपुर्दगी में हुई मौत के मामले की जांच चल रही है। वन विभाग की टीम सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और फोटो की जांच भी कर रही है। यह देखा जा रहा है कि मौके पर मौजूद वनकर्मी और ग्रामीणों की क्या गतिविधियां रहीं। रेंजर का कहना है कि खटका लगाने वाले शिकारियों पर जल्द ही कार्रवाई होगी।
छपरौली के ककौर गांव के जंगल में मंगलवार को गन्ने के ख्ेात के निकट लगे खटके में तेंदुआ फंस गया । ग्रामीणों ने साहस कर जाल मंगाकर तेंदुए को पकड़कर वन विभाग की टीम को सौंपा, लेकिन वनकर्मियों की अदूरदर्शिता के चलते तेंदुए को ककौर से बड़ौत तक ले जाने में दस घंटे का समय लग गया। वन विभाग की सुपुर्दगी में तेंदुए की मौत हो गई , इसकी विभाग चार स्तर पर जांच करा रहा है। बड़ौत रेंजर राजपाल सिंह का कहना है कि जिस दिन तेंदुआ पकड़ा गया, उस दिन के फोटो और वीडियो से भी जांच में मदद ली जा रही है। कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और किसकी क्या गतिविधि थी। इसकी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को दी जाएगी।
ककौर पहुंची टीम, बनाया मौके का नक्शा
छपरौली। बड़ौत रेंजर राजपाल सिंह ने बताया कि शनिवार को गांव पहुंचकर वन विभाग की टीम ने मौके का नक्शा बनाया है। कई लोगों से बातचीत की गई है। जल्द ही अधिकारियों को यह रिपोर्ट भेज दी जाएगी। पुलिस की टीम भी उनके साथ थी।
क्यों हो गई थी तेंदुए की मौत
बागपत। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई थी कि तेंदुए की गर्दन पर दबाव बढ़ जाने से श्वांस नली फट गई थी, इसके चलते तेंदुए की मौत हुई। फेफड़ों पर भी रक्त जमा हुआ।
वन विभाग की चूक, हो सकती है कार्रवाई
बागपत। पूरे प्रकरण में वन विभाग की अदूरदर्शिता सामने आई। जाल से लेकर पिंजरे तक लाने में वन विभाग फेल साबित हुआ था। अधिकारियों ने भी इसे माना है। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
साहसी ग्रामीणों पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी
बागपत। ककौर कलां के ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर तेंदुए को जाल में दबोचा। वन विभाग ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। खेत मालिक के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि वीडियो और फोटो से पहचान कर भी कार्रवाई की जा सकती है। बड़ौत रेंजर राजपाल सिंह का कहना है कि किसी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।