जानलेवा हमले में घायल गवाह मनोज ने दम तोड़ा
बागपत। फैजपुर निनाना गांव में गोली लगने से घायल किसान मनोज ने दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी उनकी भी हत्या कर सकते हैं। यह युवक दोहरे हत्याकांड में गवाह था।
फैजपुर निनाना गांव में मंगलवार रात मकान की छत पर सोए मनोज पुत्र रघुवीर को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर घायल कर दिया था। उसे जिला अस्पताल से गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया था। बृहस्पतिवार को मनोज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसके पैर में गोली लगी थी। भतीजे दीपक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अभी तक एक भी आरोपी का पता नहीं लगा पाई है। मनोज के भतीजे दीपक ने बताया कि तीन साल पहले बिहारीपुर में उसके चाचा विनोद और उनके दोस्त पर फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। इसमें मनोज गवाह था। जिला कारागार में बंद आरोपी सत्यवीर जेल से ही साजिश रचकर उनके परिवार के लोगों की हत्या करा रहा है।
उसने बताया कि पिछले वर्ष 16 जुलाई को उसके पिता सतेंद्र की नैथला मोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह डबल मर्डर में पैरवी कर रहा था। पिता की हत्या में नामजद आरोपी प्रियव्रत खुला घूम रहा है। आशंका है कि उसने ही उसके चाचा मनोज की भी हत्या कराई है। पुलिस उसे नहीं पकड़ रही है। किसान मनोज की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। शाम को किसान का शव गांव पहुंचा। इस घटना के बाद से परिजन भी भयभीत है। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सतेंद्र की हत्या के आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। जल्दी ही उन्हे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
------------------
पुलिस के गले नहीं उतर रही कहानी
बागपत। फैजपुर निनाना गांव के मनोज की हत्या की गई है या उसको स्वयं ही गोली लगी है। पुलिस इसमें उलझ गई है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं जबकि पुलिस सूत्रों की माने तो मनोज को उसके ही तमंचे से गोली लगी है। पुलिस का कहना है कि मनोज को तमंचे से सटाकर गोली लगी है। परिजन की कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि इस बिंदू पर भी जांच चल रही है। मनोज को नजदीक से गोली लगी है।
------------------
रंजिश में बह रहा खून
बागपत। फैजपुर निनाना निवासी रघुवीर के के बेटे विनोद की बिहारीपुर के वेदपाल उर्फ वेदा से दोस्ती थी। दोनों गांव के बीच की दूरी मात्र एक किलोमीटर है। वेदपाल की गांव के ही सत्यवीर पक्ष के लोगों से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में तीन साल पहले सत्यवीर पक्ष के लोगों ने बिहारीपुर गांव में सरेबाजार विनोद उसके दोस्त वेदपाल पर गोली चलाकर हत्या कर दी थी। डबल मर्डर में विनोद का भाई सतेंद्र पैरोकार था। मृतक मनोज ने गवाही दी थी। इसमें सभी गवाहों की गवाही हो चुकी है। जेल से हत्यारोपी प्रियव्रत जमानत पर बाहर आया था। सत्यवीर ने जेल से पहले पैरोकार सतेंद्र की हत्या कराई। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में मनोज की भी हत्या कर दी गई। हालांकि अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।