छपरौली (बागपत)। मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त औषधि राजेश श्रीवास्तव के साथ बागपत सहित पांच जिले के ड्रग्स इंस्पेक्टरों ने छपरौली में बिना लाइसेंस के चल रहे स्टोर में छापा मारा। संचालक से जरूरी दस्तावेज मांगे, जो नहीं दिए। दुकान को सीज कर थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। टीम ने स्टोर से करीब दो लाख रुपये की दवा को कब्जे में ली।
छपरौली कस्बे में 15 साल से चल रहे मेडिकल स्टोर संचालक की शिकायत मेरठ में सहायक आयुक्त औषधि कार्यालय में की। मेरठ मंडल में बिना लाइसेंस के चल रहे स्टोर संचालकों के खिलाफ अभियान के तहत शनिवार को सहायक आयुक्त राजेश कुमार श्रीवास्तव के साथ बागपत के ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर, गाजियाबाद से पूरण चंद, बुलंदशहर से दीपा लाल, लवकुश प्रसाद हापुड़, और मेरठ से पवन छपरौली पहुंचे। यहां पर उन्होंने बिना नाम से चल रहे मेडिकल स्टोर में छापे मारी शुरू कर दी। संचालक से दवा विक्रय करने के संबंध में जरूरी दस्तावेज मांगे। संचालक कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। फार्मेसिस्ट और लाइसेंस उसके पास नहीं मिला। इसके बाद टीम ने करीब दो लाख रुपये की दवा को कब्जे में ले लिया। थाने में ले जाकर दवा की जांच की। चार दवा को संदिग्ध देखकर नमूनों को जांच के लिए भेजा। थाने में स्टोर संचालक यामीन पुत्र बारू के खिलाफ मेडिकल अधिनियम के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
सहायक आयुक्त औषधि राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार मेडिकल स्टोर की शिकायत मिल रही है। जांच पड़ताल करने पर शिकायत सही मिली। इसके बाद दुकान को सीज कर दवा को कब्जे में ले लिया। थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। श्रीवास्तव ने बताया कि छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोर पर एक्सपायर दवा भारी मात्रा में मिली है। इसके अलावा अन्य संदिग्ध दवा भी स्टोर पर बेची जा रही है। मेडिकल स्टोर पूरी तरह अवैध संचालन हो रहा था।
दूसरी तरफ औषधि विभाग की टीम के छपरौली छापेमारी के दौरान अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम के छपरौली पहुंचते ही सभी संचालक दुकानों को बंद करके भाग निकाले। इसमें वैध और अवैध स्टोर संचालक शामिल रहे। अपने लोगों से पल-पल की जानकारी ले रहे।