बागपत। छपरौली क्षेत्र के एक दरोगा और एक कांस्टेबल (मुंशी) के शस्त्र लाइसेंस की जांच रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। जो मोबाइल में कैद हो गया है। पीड़ित ने कार्रवाई के लिए एसपी से शिकायत की है।
सिलाना गांव के उदयवीर सिंह मलिक ने बताया वह सीएचसी में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक है। वर्ष 2009 में उनके गांव में एक घटना हो गई । पीड़ित पक्ष ने रंजिश के चलते उनका नाम ले दिया । 13 जनवरी 2017 को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया । उनके पास बंदूक का लाइसेंस है। इसके नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए जांच रिपोर्ट के लिए दस्तावेज छपरौली थाने में गए । आरोप है जांच रिपोर्ट लगाने के लिए एक दरोगा और मुंशी ने रिश्वत मांगी। दरोगा की बात मोबाइल में रिकार्ड कर ली गई। रिश्वत न देने पर आरोपी पुलिस वालों ने गलत रिपोर्ट लगा दी है। पुलिस अफसरों से शिकायत की। पीड़ित ने कहा सीओ की जांच में दरोगा का आरोप सहीं मिले हैं। इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उसने बृहस्पतिवार को एसपी से सहीं रिपोर्ट लगाने और आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी जय प्रकाश ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।