टटीरी के सीने में पलायन का दर्द
बागपत। अपराध बेलगाम है और सिस्टम फेल। आए दिन कारोबारियों पर रंगदारी के लिए हमले और हत्या की वारदातें। बागपत शहर ही नहीं बल्कि अग्रवाल मंडी टटीरी, रटौल, अमीनगर सराय में व्यापारी खौफजदा है। नाकाम सिस्टम से उठे भरोसे का नतीजा यह हुआ कि अग्रवाल मंडी टटीरी जैसे पुराने कस्बे से व्यापारियों के पलायन के कई उदाहरण है। दिल्ली और आसपास के शहरों में बड़ी संख्या में यहां से व्यापारी शिफ्ट हो गए हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता स्वीकार करते हैं कि पिछले दो साल में व्यापारियों के जिले से पलायन का सिलसिला बढ़ा है। ऐसे कई कारोबारी हैं, जो काम यहां करते हैं, लेकिन परिवार के साथ मेरठ और दिल्ली में रहते हैं।
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केस-1
रंगदारी न देने अग्रवाल मंडी टटीरी में बदमाशों ने 10 दिसंबर 2008 में व्यापारियों पर फायरिंग कर दी गई थी। चार व्यापारी किशनचंद, ब्रजमोहन, सुमंत गोयल, संजय की गोली लगने से मौत हो गई थी। किशनचंद का बेटा संजय के अलावा प्रमोद और नितिन घायल हो गए थे।
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केस : 2
चांदीनगर थाना क्षेत्र के रटौल गांव में लोहा व्यापारी सुनील गोयल से रंगदारी मांगी गई। यहां पहुंचे बाइक सवार बदमाशों ने दुकान पर पहुंचकर आठ अगस्त की दोपहर बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर दुकान में चिट्ठी फेंककर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
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केस : 3
छपरौली के मेडिकल स्टोर संचालक कंवरपाल सैन गोस्वामी से तीन अगस्त को स्टोर पर चिट्ठी डालकर बदमाशों ने दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न पहुंचने पर तीन दिन बाद उनके मकान पर फायरिंग की गई थी।
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वारदातों का करेंगे खुलासा: एसपी
एसपी डी प्रदीप कुमार का कहना है कि समय-समय पर अपराधी पकड़े जा रहे हैं। कई केस का खुलासा हो गया है। जो घटना वर्कआउट नहीं हुई है। जल्द ही उनका भी खुलासा कर दिया जाएगा।
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