बागपत। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उलझी गुत्थियों को पुलिस सुलझाने में जुटी है। अंदेशा है कि सुनील राठी ने हत्या का जिस तरह कबूलनामा किया और पिस्टल को गटर से बरामद भी करा दिया, इसमें कहीं न कहीं झोल है। जिस तरह मोबाइल बरामद हुए हैं, इससे आशंका है कि जेल में दूसरा पिस्टल भी हो सकता है। राठी ने पुलिस को गटर से पिस्टल निकालने में उलझा दिया। यह उसकी साजिश हो सकती है। वजह यह है कि फोरेंसिक जांच में राठी को राहत मिल जाएगी।
जिला कारागार में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सुनील राठी ने पुलिस को बताया कि मुन्ना बजरंगी पिस्टल लेकर पहुंचा । सुपारी देने को लेकर बहस हुई। इसके बाद उसने बजरंगी का पिस्टल छीनकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। राठी ने यह बताया कि उसने पिस्टल गटर में फेंक दिया और कई घंटे बाद पिस्टल गटर से बरामद भी हो गया। पुलिस के सामने मुल्जिम भी खड़ा था और पिस्टल भी बरामद हो गया, लेकिन सुनील राठी के इस कबूलनामे पर भी अब पुलिस के अधिकारियों को संदेह है।
आशंका है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि पुलिस को गटर में फेंके गए पिस्टल में उलझाकर राठी ने अपने गुर्गों के माध्यम से दूसरा पिस्टल कहीं सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिया हो। वजह यह है कि फोरेंसिक जांच में पुलिस मात खा जाएगी और राठी को कोर्ट में राहत मिल जाएगी। 10 गोली के जो खोखे मौके से मिले हैं, उनकी जांच से भी राज खुल सकता है। फोरेंसिक जांच में ही सच का खुलासा होगा। जिस तरह जेल में मोबाइल मिले हैं, उससे साफ है कि अगर पुलिस ने हत्या के बाद गहराई से छानबीन की होती तो कई राज खुल सकते थे।
इन बिंदुओं पर चक्कर खा चुकी है पुलिस
1. मुन्ना बजरंगी की लाश की दो तस्वीरें जेल से वायरल की गई। एक में सीने पर दाईं और गोली का निशान नहीं है और दूसरी तस्वीर में निशान है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यहीं पर गोली लगने की पुष्टि हुई है, इससे जाहिर है कि हत्या के दौरान तस्वीरें खींची गई। पुलिस फोटो वायरल होने के बिंदु पर पूरी तरह गच्चा खा गई है।
2. मुन्ना बजरंगी को सात गोली लगी है। मौके से 10 खोखे बरामद हुए हैं। क्या मौके पर हर्ष फायरिंग की गई थी। गटर से बरामद पिस्टल में पांच कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा 17 कारतूस एक पॉलीथीन में मिले हैं। यानि इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि 32 कारतूस जेल में थे। इससे आशंका बढ़ती है कि पिस्टल दो हो सकते हैं।
3. मुन्ना बजरंगी की जिस तरह से हत्या की, इससे गोली चलाने वाले दो लोग हो सकते हैं। पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन क्या कोई दूसरा भी शामिल है। आशंका है कि एक शूटर ने सामने की तरफ से छाती को निशाना बनाया, जबकि दूसरे साइड से कनपटी को निशाना बनाया। इसकी एक वजह यह है कि सारी गोलियां सटाकर मारी गई है। इससे लगता है कि यह संभव है कि वारदात में दो या इससे अधिक लोग हो सकते हैं। पुलिस इस प्वाइंट पर भी उलझी हुई है।