स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच के मामले में मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर लिया है। सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जल्दी ही संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कोर्ट रोड बागपत स्थित मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर पर एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग हरियाणा एवं बागपत की संयुक्त टीम ने छापा लगाकर भ्रूण लिंग जांच का खेल पकड़ा था। टीम ने डीएम बागपत को जांच रिपोर्ट भेजी थी। शनिवार को डीएम ऋषिरेंद्र के आदेश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. भुजवीर सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की टीम ने मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है। डॉ. भुजवीर सिंह ने बताया कि सेंटर पर आठ हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच की जाती थी। यह खेल काफी दिन से चल रहा था। इस धंधे में सीएचसी बागपत में कार्यरत आशा भी शामिल थी। सेंटर संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जल्दी ही संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी छापे लगाकर जांच की जाएगी। भ्रूण लिंग जांच कानून अपराध है। इस धंधे को पकड़वाने वाले महिला या पुरुष को विभाग की तरफ से एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण का पता चले तो इसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। एसीएमओ डॉ. भुजवीर सिंह, एआरओ अनिल कुमार, अनुज श्रीवास्तव टीम में शामिल रहे।
स्वास्थ्य टीम का महिला ने किया विरोध
बागपत। मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सील लगाने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। सेंटर पर मौजूद एक महिला ने हंगामा किया। पुलिस ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। महिला ने कहा कि वह सेंटर को सील नहीं करने देंगी। उनकी रोजी रोटी इसी से चलती है। उनका कहना है कि सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच नहीं होती थी। साजिश के तहत उन्हें झूठा फंसाया गया है।