छपरौली (बागपत)। लूंब गांव के सुधीर उर्फ बिल्लू को 24 घंटे बाद भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। इस मामले में बड़े भाई के खिलाफ थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस और एसओजी की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
बुधवार को लूंब गांव में ढाई बीघा जमीन के विवाद को लेकर बड़े भाई प्रदीप ने साथियों के साथ मिलकर अपने ही छोटे भाई सुधीर उर्फ बिल्लू की गोली मारी और भाई को कार में डालकर भाग गया था। इस मामले में सुधीर की पत्नी पूजा ने प्रदीप समेत चार के खिलाफ छपरौली थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वारदात को 24 घंटे बाद भी पुलिस सुधीर को बरामद नहीं कर पाई है। आरोपी की तलाश में एसओजी बागपत और पुलिस की दो टीमें लगी हैं। पुलिस आरोपी को रिश्तेदारी में तलाश कर रही है। पूजा ने बताया कि सुधीर का ढाई बीघा जमीन के लिए बड़े भाई प्रदीप से विवाद चल रहा था। कई बार झगड़ा हो चुका है। मंगलवार को भी उनका झगड़ा हुआ । पुलिस ने जेठ प्रदीप को शांति भंग में जेल भेजा। बुधवार को तहसील से जमानत होते ही प्रदीप ने साथियों के साथ मिलकर उसके पति सुधीर की हत्या कर दी।
इस मामले में एसपी जयप्रकाश ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस और एसओजी की टीमें लगी हैं। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मृतक की पत्नी की तहरीर पर हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवक की भी तलाश की जा रही है।
ढाई बीघा जमीन के लिए कर दिया भाई का खून
छपरौली। लूंब निवासी गणेशी के साढ़े 12 बीघा जमीन है। गणेशी की मौत हो चुकी है। उसके चार बेटे हैं। गणेशी की मौत के बाद ढाई-ढाई बीघा जमीन चारों बेटों के नाम हो गई और ढाई बीघा जमीन उसकी पत्नी के हिस्से में चली गई। दो बेटे बाहर रहते हैं। गांव में प्रदीप और सुधीर ही रहते हैं। मां बड़े बेटे प्रदीप के पास रहती है। उसने अपनी ढाई बीघा जमीन की वसीयत प्रदीप के दोनों बेटों के नाम कर रखी है। इसी को लेकर दोनों भाइयों में विवाद चल रहा है। सुधीर ढाई बीघा जमीन को चार हिस्सों में बांटना चाहता था, लेकिन प्रदीप जमीन नहीं दे रहा था। इस ढाई बीघा जमीन के लिए प्रदीप ने छोटे भाई सुधीर का कत्ल कर दिया।
पुलिस के सामने से शव लेकर भाग निकला आरोपी
छपरौली। प्रदीप भाई सुधीर को कार में लेकर पुलिस के सामने से ही भाग निकला। वारदात के कुछ मिनट बाद ही पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई नहीं की। आरोपी आराम से भाई को लेकर फरार हो गया। यदि पुलिस नाकाबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास करती तो वह पकड़ा जा सकता था। पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी भागने में कामयाब हो गया। थानाध्यक्ष छपरौली ने बताया कि सूचना के तुरंत बाद ही नाकाबंदी कर दी गई थी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लग पाया। उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस को उलझाने के लिए ट्रक पर फेंका मोबाइल
छपरौली। हत्यारोपी भाई प्रदीप ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना मोबाइल फोन किसी ट्रक की छत पर फेंक दिया था। पुलिस मोबाइल की लोकेशन पर देहरादून पहुंची। यहां पर ट्रक को पकड़ लिया। जांच की तो ट्रक की छत पर आरोपी प्रदीप का मोबाइल मिला। पुलिस मोबाइल लेकर वापस लौट आई। आरोपी को पकड़ने के लिए अब पुलिस के पास कुछ नहीं है। बिना मोबाइल के पुलिस उसका पत ा नहीं लगा सकती।
पहले से ही खून खराबे की थी आशंका
बागपत। दोनों भाइयों में काफी दिनों से जमीन विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के लोग आए दिन पुलिस से आए दिन मामले की शिकायत करने आते हैं पुलिस को पता था कि इस विवाद में खून खराबा भी हो सकता है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस वारदात को नहीं रोक पाई। पुलिस ने दोनों भाइयों के बीच झगड़ा न हो, इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। यदि पुलिस पहले ही निष्पक्षता से कार्रवाई करती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।
हप्पू गैंग का सदस्य है आरोपी प्रदीप
बागपत। पुलिस का दावा है कि आरोपी प्रदीप एक लाख के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू गैंग का सदस्य रहा है। उसने कई बार हप्पू की मदद भी है। पुलिस ने बताया प्रदीप बहुत ही शातिर अपराधी है। उसने कई साल तक हप्पू के लिए काम किया है।