दोघट (बागपत)। नशे से बर्बाद होती युवा पीढ़ी को बचाने के लिए दोघट कस्बे की महिलाओं ने शराबबंदी का आह्वान किया। एलान किया कि कस्बे में शराब की बिक्री नहीं होने देंगे। शराब पीने और पिलाने वालों का मुंह काला कर कस्बे में जुलूस निकाला जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष बबीता चौधरी ने कहा शराब से समाज का नुकसान होता है। युवा जागरूक बनें और खुद ही इससे दूरी बनाएं। जांच के लिए महिलाओं की कमेटी गठित की जाएगी।
बुधवार को धर्मपाल सिंह के आवास पर महिलाओं की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष बबीता चौधरी के कहा कस्बे में शराब, चरस और अन्य नशीले पदार्थ बेचे जाने की जानकारी मिल रही है। इसके चक्कर में पड़कर युवा अपने मूल उद्देश्यों से भटक रहा है। नशे के लिए युवक चोरी भी करते है। शराबी शाम के समय सड़कों पर घूमने लगते हैं। कई बार महिलाओं से छेड़छाड़ मामले सामने आ चुके हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। सरकार को पूरे प्रदेश में शराब बंद कर देनी चाहिए। निर्णय लिया कस्बे में शराब व अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री बंद करनी होगी। कस्बे में कोई भी शराब बेचता या सेवन करता पाया तो उसके खिलाफ महिलाएं कार्रवाई करेंगी। उसका मुंह काला कर कस्बे में घुमाया जाएगा और बरामद शराब को नष्ट किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं की टोलियों का भी गठन किया जाएगा। ये टोलियां कस्बे में घूमकर पता लगाएंगी कि किस स्थान पर शराब या अन्य नशीले चीजें बिक रही है। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। इसमें ओमकारी, बाला, गीता, समुंद्री, अमरेश, विमला, मगन, वीरमती, इंद्रकली, तारेश, मुकेश, सुनीता, राजकली, केला, शोभा, मितलेश, भूरो, निर्मला, ज्ञानवती आदि उपस्थित रही।
पहले भी मोर्चा ले चुकीं महिलाएं
बागपत। शराब और नशे के विरोध का यह पहला मामला नहीं है। खट्टा प्रहलादपुर में अलका ठाकुर के नेतृत्व में महिलाओं ने हंगामा किया और ठेका बंद कराया था। नया गांव में महिलाओं ने हंगामा किया। बागपत के पुराना कसबा, निवाड़ा और बड़ौत में महिलाएं शराब के ठेके के विरोध में सड़कों पर उतर चुकी है।