बागपत। जिला अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। मोर्चरी में तीन साल के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के नाम पर स्वीपर के एक हजार रुपये की रिश्वत लेने पर पीड़ित पक्ष के लोगों ने हंगामा किया। शिकायत पर सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने आरोपी स्वीपर को नौकरी से निकाल दिया और उसके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही आरोपी कर्मचारी से पीड़ितों को रुपये भी वापस दिलाए।
मंगलवार को अग्रवाल मंडी टटीरी में सड़क दुर्घटना में तीन वर्षीय संस्कार पुत्र कमल की मौत हो गई थी। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होना था। परिजन मोर्चरी के बाहर खड़े थे। आरोप है कि मोर्चरी में तैनात स्वीपर मोनू ने पोस्टमार्टम के नाम पर परिजनों से एक हजार रुपये रिश्वत के ले लिए। इसको लेकर परिजनों ने मोर्चरी में जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने के बाद टटीरी नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन सीमा ठाकुर एडवोकेट के नेतृत्व में ग्रामीण सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा से मिले। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराने के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर फैला हुआ है। जिला अस्पताल में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद भी सिस्टम नहीं सुधर पा रहा है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
सीएमओ ने आरोपी स्वीपर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को शांत किया। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव को लेकर घर लौट गए। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया स्वीपर मोनू से एक हजार रुपये वापस करा दिए हैं। उसे नौकरी से हटा दिया है और चिकित्सक के माध्यम से कोतवाली में मोनू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि स्वीपर ठेके पर रखा हुआ था। हंगामा करने वालों में पूर्व सभासद संतरा देवी, चरण सिंह, ओमपाल, अमित, राहुल, विजय सिंह, दिनेश आदि रहे।
सामान के लिए गए थे रुपये
स्वीपर मोनू ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद जो चादर एवं अन्य सामान दिया जाता है, उसके रुपये लिए गए थे। रिश्वत लेने का गलत आरोपे लगाकर कार्रवाई कराई गई है।