बागपत।
रमाला थाना क्षेत्र के जिवाना गांव के जंगल में मिले युवक के शव की शनाख्त गूंगा खेड़ी निवासी किसान सचिन के रूप में हुई। बहन ने मोर्चरी पर पहुंचकर पहचान की। वह 15 दिन पहले रिश्तेदारी में गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने बताया कि उसकी गला दबाकर हत्या की। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी।
रमाला थाना क्षेत्र के जिवाना गांव निवासी किसान रोहताश पुत्र जिले सिंह के गेहूं के खेत में शुक्रवार की सुबह युवक का शव पड़ा मिला। हत्या कर शव खेत में फेंका शनाख्त न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार को अमृता पत्नी तेजवीर निवासी छपरौली ने मोर्चरी पहुंचकर मृतक के शव की शनाख्त भाई सचिन (35) पुत्र प्रहलाद निवासी गूंगा खेड़ी के रूप में की। उसने बताया कि वह खेती करता था। 15 दिन पहले रिश्तेदारी में गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। उसकी गला दबाकर हत्या की। उनकी किसी से कोई रंजिश भी नहीं है। शव दो-तीन पुराना लगा। मृतक आठ माह पहले सड़क दुर्घटना में घायल भी हो गया था। मृतक का बड़ा भाई अमित छत्तीसगढ़ में प्राइवेट नौकरी करता है। मृतक के 10 साल का बेटा संचित है। पति की मौत पर पत्नी मीनू की रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को वापस घर ले गए। इस संबंध में रमाला थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि शव की पहचान हो गई है। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।