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15 दिन में नौ हत्या, दहला बागपत

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बागपत। बागपत की धरती खून से लाल हो रही है। अक्तूबर माह की शुुरुआत हत्या से हुई। जो अभी तक जारी है। रविवार को हिलवाड़ी गांव में खून खराबा हुआ। वहीं बड़ौत के लापता छात्र का शव मिला। उसकी भी हत्या करके शव को फेंका गया है। पुलिस शवों का पंचनामा करने तक ही सिमट कर रह गई है।
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अक्तूबर में अपराध से जिला थर्रा रहा है। हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अक्तूबर माह की शुरुआत हत्या से हुई । सबसे पहले सुल्तानपुर गांव के युवक अनिल मिश्रा की दादरी गांव के जंगल में हत्या की। इसके बाद हत्या का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। गांगनौली गांव में दीपावली की हत्या खून-खराबा हुआ। दो लोगों की गोलियों बरसाकर हत्या कर दी । इसके बाद लगातार हत्या के मामले सामने आ रहे है। पुलिस वारदात का खुलासा करना तो दूर उनको रोक पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। पुलिस के खिलाफ आए दिन हंगामा प्रदर्शन हो रहा है। पुलिस शवों का पंचनामा भरने तक सिमट कर रह गई है।
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अक्तूबर माह की प्रमुख हत्या की वारदात
14 अक्तूबर : डौला निवासी युवक दीपक की हत्या की। खेत में शव मिला।
16 अक्तूबर : तुगाना गांव के पशु व्यापारी जयकुमार की गोली मारकर हत्या की।
19 अक्तूबर : गांगनौली गांव में दीपावली की रात खून-खराबा हुआ। इसमें सतपाल कश्यप व सुंदर कश्यप की हत्या की। छह लोग घायल हुए।
21 अक्तूबर: लुहारी गांव के किसान नरेंद्र सिंह के साढ़े चार साल के बेटे भरत की गला दबाकर हत्या की।
25 अक्तूबर: लुहारी गांव में सेल्समैन अंग्रेज पाल सिंह की गोली मारकर की हत्या की।
26 अक्तूबर : बंदपुर गांव के युवक राहुल की हत्या की।
28 अक्तूबर : गुराना गांव में दूध व्यापारी जितेंद्र तोमर की हत्या की।
29 अक्तूबर : बड़ौत के युवक धीरज की हत्या की। शव को शव मिला।
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