बागपत। राहुल खट्टा गैंग के सदस्य और पुलिस पर हमले के आरोपी राहुल उर्फ चोटी की बली गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो चोटी की लाश पड़ी मिली। हत्या किसने और क्यों की, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। देर रात तक शव मौके पर पड़ा रहा। पुलिस और ग्रामीणों की यहां भीड़ जमा थी।
बली गांव का राहुल उर्फ चोटी करीब डेढ़ माह पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। राहुल खट्टा के करीबियों में शामिल रहा चोटी लूट की वारदातों में शामिल रहा। रविवार की रात में करीब पौने दस बजे बली गांव में रविदास मंदिर के पास ग्रामीणों को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण आवाज सुनकर मौके की तरफ पहुंचे तो राहुल की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। सिर में गोली मारी गई थी। हत्या किसने की और हमलावर किस तरफ से फरार हुए, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा है।
पिछले दिनों ही राहुल चोटी ने पुलिस पर फायर कर दिया था। टटीरी फाटक पर हुई वारदात में वह जेल गया और इसी केस में जमानत कराकर वह करीब डेढ़ माह पहले बाहर आया था। पेट्रोल पंप पर फायरिंग और धमकी दिए जाने के मामले में भी वह चर्चित रहा। राहुल चोटी पर लूट और अन्य वारदातों के 13 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अधिकतर वारदात बागपत कोतवाली क्षेत्र की है। इसके अलावा चोटी अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहा। राहुल खट्टा से नजदीकियां बढ़ने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।