बागपत। बिनौली थाना क्षेत्र के रंछाड़ गांव में किसान रामबल की हत्या शराब पीकर हुए विवाद में दोस्त ने ही फावड़े से काटकर की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेजा।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि रंछाड़ गांव में 28 सितंबर की रात में किसान रामबल की धारदार हथियार से काटकर हत्या की। 29 सितंबर को उसका शव रंछाड़ बाईपास पर रविंद्र के नलकूप के पास पड़ा मिला । मृतक के बेटे सचेंद्र उर्फ मोनू ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया । विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सुंदर पुत्र तेजपाल निवासी रंछाड़ का नाम प्रकाश में आया। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह के कुशल निर्देशन में बिनौली थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट ने पुलिस फोर्स के साथ आरोपी को रंछाड़ मोड़ से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 28 सितंबर की रात्रि में उसने मृतक रामबल के साथ रविंद्र के नलकूप पर शराब पी । वहीं पर दोनों में गाली गलौच हुई। रामबल ने उसे थप्पड़ मार दिया। इससे वह गुस्से में आए गया और उसने रामबल की पिटाई की। वह बेहोश हो गया। उस मरा समझ कर वह घर चला गया। घर आकर उसने सोचा कि अगर वह मरा नहीं तो पुलिस थाने में रिपोर्ट करेगा। इस वह अपने घर से फावड़ा लेकर गया। मृतक नलकूप पर ही बेहोश पड़ा था। उसने फावड़े से उसकी गर्दन पर तीन-चार बार करके उसे मौत के घाट उतार दिया। फावड़े को चुपके से गांव के ही संदीप के घर में रख दिया और घर जाकर सो गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया।
गांव में तस्कर से खरीदी थी शराब
बागपत। पकड़े गए आरोपी सुंदर ने बताया कि 28 सितंबर की रात नौ बजे मृतक रामबल अपने घर के बाहर बैठा था। जब वह उसके पास पहुंचा तो उसने शराब पीने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने गांव में अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहे युवक से देशी शराब का अध्धा खरीद लिया और रविंद्र के नलकूप पर चले गए। अध्धा पीने के बाद उन्होंने पास में ही स्थित शराब के ठेके से और शराब खरीद ली। ज्यादा नशा होने के कारण उनमें झगड़ा हो गया। उससे शराब के नशे में हत्या हो गई। वह उसकी हत्या नहीं करना चाहता था।
एसपी ने थपथपाई थानाध्यक्ष की पीठ
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ। मृतक के पास कोई मोबाइल भी नहीं था। पुलिस के पास भी कोई सबूत नहीं थे। परिजन भी किसी से रंजिश नहीं बता रहे थे। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस को कठिनाई हुई। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस ने लोगों से पूछा कि मृतक रामबल को आखिरी बार किसके साथ देखा। ग्रामीणों ने सुंदर के बारे में बताया कि वह उसके साथ देखा। इस पर पुलिस ने सुंदर को उठाकर पूछताछ की और सच्चाई सामने आ गई। एसपी ने 24 घंटे के बाद घटना का खुलासा करने वाले बिनौली थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार बिष्ट की पीठ थपथपाई।
शराब का प्रचलन दे रहा है अपराधों को बढ़ावा
बागपत। जिले में शराब पीकर मामूली विवाद होने पर हत्या करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी है। चार माह पहले ट्यौढ़ी गांव में शराब पीने के दौरान प्लेट से अंडा उठाने पर साथियों ने ही युवक की पीट कर हत्या की। युवक शराब पीकर आपा खो बैठते हैं और नशे में हत्या जैसे जघन्य अपराध कर देते हैं। नशे में वे नहीं सोचते कि इसका परिणाम क्या होगा। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही है। युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। परिजनों को भी अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है।